कल्याण-अहिल्यानगर हाईवे पर मौत का तांडव: सीमेंट मिक्सर ने इको को बनाया लोहे का ढेर, 11 की मौके पर मौत! राष्ट्र संवाद संवाददाता मुंबई (इंद्र यादव) कल्याण-अहिल्यानगर महामार्ग पर सोमवार का सूरज ग्यारह परिवारों के लिए काल बनकर आया। सुबह के वक्त जब लोग अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे थे, तभी पांजार पुल के पास हुए एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला कर रख दिया। एक तेज रफ्तार सीमेंट मिक्सर और यात्रियों से खचाखच भरी इको टॅक्सी (काली-पीली) के बीच हुई आमने-सामने की भिड़ंत में 11 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। लोहे का गोला…
Author: Devanand Singh
भारत के संविधान निर्माता : डॉ. भीमराव अंबेडकर – महेन्द्र तिवारी 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के महू नामक सैन्य छावनी में जन्मे डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर भारतीय इतिहास के उन विरले महापुरुषों में से हैं जिन्होंने अपने जीवनकाल में अनगिनत संघर्षों का सामना करते हुए एक ऐसी विरासत छोड़ी, जो आज भी करोड़ों लोगों को प्रेरणा देती है। उनके पिता रामजी मालोजी सकपाल ब्रिटिश भारतीय सेना में सूबेदार के पद पर थे और वे स्वयं महार जाति से संबंध रखते थे, जिसे तत्कालीन समाज में अछूत माना जाता था। परिवार में 14 भाई-बहनों में से भीमराव सबसे छोटे…
सूरों की आशा बनकर गूंजती रहेगी आशा भोसले -ललित गर्ग- भारतीय संगीत का आकाश आज कुछ अधिक मौन, कुछ अधिक रिक्त प्रतीत होता है। स्वर की वह चंचल चिड़िया, जन-जन को चमत्कृत करने वाली आवाज जिसने दशकों तक हर हृदय में मधुरता के बीज बोए, आज भले ही भौतिक रूप से हमारे बीच न हो, पर उसकी गूंज अनंत में विलीन होकर भी अमर बनी हुई है। आशा भोसले केवल एक गायिका नहीं थीं, वे भारतीय आत्मा की वह स्वर-लहरी थीं, जो हर संस्कृति, हर भावना और हर युग में अपनी उपस्थिति दर्ज कराती रही। वे एक बेमिसाल गायिका, अनगिनत…
टाटा में ‘पावर गेम’ क्या दरक रही है एकता या बदलाव की दस्तक? देवानंद सिंह भारत के सबसे प्रतिष्ठित और भरोसेमंद कारोबारी घरानों में शुमार टाटा समूह इन दिनों एक अहम मोड़ पर खड़ा दिखाई दे रहा है। वर्षों से स्थिरता, पारदर्शिता और सामूहिक निर्णयों की पहचान रहे इस समूह के भीतर अब मतभेदों की खबरें सुर्खियां बन रही हैं। मई 2026 में प्रस्तावित टाटा ट्रस्ट्स की महत्वपूर्ण बैठकों ने इस चर्चा को और तेज कर दिया है कि क्या समूह की ‘एकता’ की नीति अब कमजोर पड़ रही है या यह एक स्वाभाविक रणनीतिक बदलाव का संकेत है। टाटा…
झारखंड इमेजिंग एक्सपो में फोटोग्राफी के लिए जमशेदपुर के नरेश अग्रवाल श्रीमती महुआ माझी द्वारा सम्मानित राष्ट्र संवाद संवाददाता रांची के खेल ग्राम में 10 अप्रैल से 12 अप्रैल तक छठी झारखंड इमेजिंग एक्सपो का आयोजन, झारखंड फोटोग्राफी एसोसिएशन सेंट्रल के द्वारा किया गया। इस आयोजन के दौरान जमशेदपुर के ख्याति प्राप्त छायाकार नरेश अग्रवाल को उनकी राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय उपलब्धियां के आधार पर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। यह सम्मान झारखंड की महत्वपूर्ण हस्ती राज्यसभा सदस्य, महुआ माझी के हाथों दिया गया। इस चयन समिति में आनंद कुमार, रूपेश कुमार यश, दलजीत सिंह, रणजीत सिंह गाबरी, बाबूलाल आदि…
हिमांशु शर्मा बने मीडिया काउंसिल ऑफ जर्नलिस्ट्स के राष्ट्रीय प्रवक्ता राष्ट्र संवाद संवाददाता मीडिया काउंसिल ऑफ जर्नलिस्ट्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय राठी ने वरिष्ठ पत्रकार हिमांशु शर्मा को संगठन का राष्ट्रीय प्रवक्ता नियुक्त किया है। यह नियुक्ति चंडीगढ़ में की गई। इस अवसर पर संजय राठी ने कहा कि हिमांशु शर्मा पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय, अनुभवी और समर्पित व्यक्तित्व हैं। उनकी संगठन के प्रति निष्ठा और कार्यक्षमता को देखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने विश्वास जताया कि हिमांशु शर्मा अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूर्ण ईमानदारी, निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ करेंगे तथा संगठन को नई…
आशा भोसले अपनी आवाज से अमर रहेंगी : राहुल गांधी नयी दिल्ली, 12 अप्रैल (भाषा) कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को दिग्गज पार्श्व गायिका आशा भोसले के निधन पर शोक व्यक्त किया। राहुल ने कहा कि भोसले की कला उनकी आवाज के माध्यम से लोगों के दिलों में हमेशा अमर रहेगी। अपनी अनूठी आवाज के बूते बहन भारत रत्न लता मंगेशकर की छाया से बाहर निकलकर उन्होंने हिंदी पार्श्व गायन में अपना अलग मुकाम स्थापित किया। भोसले का रविवार को निधन हो गया। वह 92 वर्षीय की थीं। आशा भोसले को शनिवार शाम सीने में संक्रमण और कमजोरी के…
क्या बिना हाथ-पैर हिलाए ‘राजा’ बना जा सकता है! एक खतरनाक भ्रम का खुलासा मुंबई (इंद्र यादव) बिना पसीना बहाए सत्ता का ज्ञान पाने की कोशिश केवल एक धोखा है। राजनीति कोई ‘वीडियो गेम’ नहीं, बल्कि हाड़-मांस के इंसानों की सेवा का नाम है। आज के दौर में एक बड़ा ही अजीब और खतरनाक चलन शुरू हुआ है। कुछ लोगों को लगता है कि राज-काज चलाने का मतलब सिर्फ आलीशान कुर्सियों पर बैठकर फाइलें पढ़ना या सोशल मीडिया पर भाषण देना है। यह एक ऐसा बौद्धिक षड्यंत्र है, जो नई पीढ़ी को मेहनत और जमीन से काट रहा है।झूठ का…
किशोर आक्रामकता एवं हिंसा पर अंकुश लगाने की पहल हो -ललित गर्ग- भारतीय किशोरों में बढ़ रही हिंसक प्रवृत्ति एवं क्रूर मानसिकता चिन्ताजनक है, नये भारत एवं विकसित भारत के भाल पर यह बदनुमा दाग है। पिछले कुछ समय से किशोरों में बढ़ती हिंसा की प्रवृत्ति निश्चित रूप से डरावनी, मर्मांतक एवं खौफनाक है। चिंता का बड़ा कारण इसलिए भी है क्योंकि जिस उम्र में किशोरों के मानसिक और सामाजिक विकास की नींव रखी जाती है, उसी उम्र में कई बच्चों में आक्रामकता एवं क्रूर मानसिकता घर करने लगी है और उनका व्यवहार हिंसक होता जा रहा है। बदलते समय…
न्याय का विस्तार ही लोकतंत्र की असली कसौटी देवानंद सिंह भारत के प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत का यह कथन कि देश के सामने सबसे बड़ी चुनौती कानूनों की कमी नहीं, बल्कि न्याय तक आम लोगों की सीमित पहुंच है वास्तव में हमारी न्यायिक व्यवस्था की सबसे बड़ी विडंबना को उजागर करता है। एक ओर जहां भारत में अधिकारों और कानूनों का मजबूत ढांचा मौजूद है, वहीं दूसरी ओर इन अधिकारों का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समय पर नहीं पहुंच पाना लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। आज न्याय केवल अदालतों तक सीमित एक औपचारिक व्यवस्था बनकर रह गया…
