पैसा हाथों का मैल है… तो फिर ये मैल चरित्र क्यों चट कर जाता है! इंद्र यादव/मुंबई-/कहते हैं ना—पैसा हाथों का मैल है। यानी कमाओ, खर्च करो, धूल-मिट्टी की तरह झाड़ दो। लेकिन साला सच पूछो…

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छौड़ाही सहुरी पंचायत के स्वच्छता कार्यों को मिला जिला स्तर पर सम्मान।स्वच्छता के क्षेत्र में सहुरी पंचायत ने बनाई अलग…