बंगाल की हिंसा है लोकतंत्र पर धब्बा और बड़ी चुनौती -ः ललित गर्ग:- पश्चिम बंगाल में हाल ही में सम्पन्न…
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अनाज के ढेर पर बैठी भूखी दुनिया: विकास मॉडल की सबसे भयावह सच्चाई सभ्यता की चकाचौंध के बीच दुनिया एक…
महिला आरक्षण पर राजनीतिक दलों का दोहरा चरित्र -ः ललित गर्ग:- भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी विडंबनाओं में से एक…
साहब! मेहनत हम बेच रहे हैं, आप बस ‘गुलामी’ खरीद रहे हैं। राष्ट्र संवाद संवाददाता मुंबई (इंद्र यादव) आज के…
पढ़ाई बढ़ी… लेकिन स्किल क्यों नहीं बढ़ी? – डॉ. सत्यवान सौरभ आज का समाज एक अजीब विरोधाभास के दौर से…
बंगाल की हिंसा है लोकतंत्र पर धब्बा और बड़ी चुनौती -ः ललित गर्ग:- पश्चिम बंगाल में हाल ही में सम्पन्न…
शौर्य पर सियासत नहीं, जनभावनाओं को समझने की जरूरत भारत न भूलता है, न माफ करता है अमन शांडिल्य ऑपरेशन…
नारी ——————- तुम त्रेता युग की वैदेही (सीता) हो, तुम द्वापर की द्रौपदी हो, तुम माँ शक्ति, तुम अभया, तुम…
जर्जर कश्ती हो गई, अंधे खेवनहार, खतरे में ‘सौरभ’ दिखे, जाना सागर पार॥ लहरों का प्रहार है, उठता बारंबार, डगमग…
किराये की संतान नहीं, अपनत्व का पुनर्जागरण चाहिए -ः ललित गर्ग:- जीवन की सांझ जब अपने पूरे विस्तार के साथ…
