लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
झारखंड में मिशन-2029 की तैयारी तेज हो गई है क्योंकि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन 23 अक्टूबर की शाम राजधानी रांची पहुंच रहे हैं। इस तीन दिवसीय दौरे का मुख्य उद्देश्य 24 अक्टूबर से शुरू होने वाली दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति की बैठक का उद्घाटन करना और पार्टी पदाधिकारियों को संगठनात्मक मजबूती के लिए मार्गदर्शन देना है।
मिशन-2029 की तैयारी और नितिन नबीन का झारखंड दौरा
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नबीन का झारखंड में यह दूसरा दौरा है। उनके स्वागत के लिए बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर पारंपरिक रीति-रिवाज, ढोल-नगाड़ों और पुष्पवर्षा की भव्य तैयारियां की गई हैं। पूरी राजधानी को भाजपा के झंडों, बैनरों और पताकाओं से सजाया गया है। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने पार्टी कार्यालय में प्रदेश पदाधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की।
कार्यसमिति बैठक का एजेंडा: संगठन विस्तार और चुनावी रणनीति
प्रदेश कार्यसमिति की इस महत्वपूर्ण बैठक में कई अहम मुद्दों पर मंथन होने की संभावना है:
- संगठन विस्तार – बूथ स्तर तक पार्टी को मजबूत करने की रणनीति
- जनसंपर्क अभियान – जनता तक केंद्र और राज्य की योजनाएं पहुंचाना
- आगामी उपचुनाव – संभावित उपचुनावों के लिए उम्मीदवारों और रणनीति पर चर्चा
- मिशन-2029 – 2029 विधानसभा चुनाव के लिए दीर्घकालिक रोडमैप
प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने बताया कि कार्यकर्ताओं में राष्ट्रीय अध्यक्ष के स्वागत को लेकर खासा उत्साह है। पार्टी ने इस दौरे को मुख्य रूप से प्रदेश कार्यसमिति की बैठक और संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़ा बताया है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषक इसे आगामी उपचुनाव और 2029 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देख रहे हैं।
झारखंड में भाजपा की वर्तमान स्थिति और चुनौतियां
झारखंड में भाजपा वर्तमान में विपक्ष में है और हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली झामुमो-कांग्रेस-राजद गठबंधन सरकार सत्ता में है। पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा को 25 सीटों पर संतोष करना पड़ा था। मिशन-2029 की तैयारी के तहत पार्टी का लक्ष्य संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत कर आगामी चुनावों में अपनी स्थिति बेहतर करना है। इसके लिए पार्टी आदिवासी, दलित और पिछड़े वर्गों में पैठ बढ़ाने पर जोर दे रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नितिन नबीन का यह दौरा झारखंड भाजपा के लिए नई ऊर्जा का संचार करेगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष का मार्गदर्शन पार्टी कार्यकर्ताओं को चुनावी मोड में लाने का काम करेगा। बिहार के पड़ोसी राज्य होने के नाते नितिन नबीन की बिहार की राजनीति में गहरी समझ भी झारखंड के लिए लाभदायक साबित हो सकती है।
भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने झारखंड को फोकस राज्यों की सूची में रखा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता और केंद्र सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए पार्टी विशेष अभियान चलाएगी। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए भाजपा की आधिकारिक वेबसाइट देखी जा सकती है।
आगामी कार्यक्रम और रणनीतिक महत्व
24 अक्टूबर को उद्घाटन सत्र के बाद कार्यसमिति के विभिन्न सत्रों में राजनीतिक प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। 25 अक्टूबर को समापन सत्र में भावी कार्ययोजना की घोषणा होगी। इस दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, सांसदों, विधायकों और जिला अध्यक्षों के साथ अलग-अलग बैठकें भी करेंगे।
झारखंड की 14 लोकसभा सीटों में से भाजपा ने पिछले चुनाव में 11 सीटें जीती थीं, लेकिन विधानसभा में वह बहुमत से दूर रह गई। मिशन-2029 की तैयारी इसी अंतर को पाटने की कवायद है। पार्टी का फोकस उन 30-35 सीटों पर है जहां वह मामूली अंतर से हारी थी। बूथ स्तर पर पन्ना प्रमुखों की नियुक्ति और उनकी सक्रियता सुनिश्चित करना इस रणनीति का 핵심 हिस्सा है।

