कल्याण-अहिल्यानगर हाईवे पर मौत का तांडव: सीमेंट मिक्सर ने इको को बनाया लोहे का ढेर, 11 की मौके पर मौत!
राष्ट्र संवाद संवाददाता
मुंबई (इंद्र यादव) कल्याण-अहिल्यानगर महामार्ग पर सोमवार का सूरज ग्यारह परिवारों के लिए काल बनकर आया। सुबह के वक्त जब लोग अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे थे, तभी पांजार पुल के पास हुए एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला कर रख दिया। एक तेज रफ्तार सीमेंट मिक्सर और यात्रियों से खचाखच भरी इको टॅक्सी (काली-पीली) के बीच हुई आमने-सामने की भिड़ंत में 11 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है।
लोहे का गोला बनी कार: दिल दहला देने वाला मंजर
चश्मदीदों के अनुसार, टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि उसका शोर कई सौ मीटर दूर तक सुनाई दिया। सीमेंट मिक्सर के भारी-भरकम पहियों और लोहे के दबाव ने छोटी इको कार को कागज की तरह मरोड़ दिया। कार का इंजन और सीटें आपस में इस कदर धंस गई थीं कि शवों को बाहर निकालना भी चुनौतीपूर्ण हो गया।
हादसे के मुख्य बिंदु.
समय: सुबह करीब 11:15 बजे।
स्थान: पांजार पुल (मुरबाड-कल्याण मार्ग)।
पीड़ित: मुरबाड के रहने वाले ग्रामीण, जो निजी काम से कल्याण जा रहे थे।
हताहत: कुल 12 सवारों में से 11 की मौत, 1 गंभीर रूप से घायल।
चमत्कार! मौत को मात देकर सुरक्षित निकलीं बुजुर्ग महिला
इस भीषण त्राहिमाम के बीच एक ऐसी घटना घटी जिसे देख लोग दांतों तले उंगली दबा रहे हैं। कार में सवार एक बुजुर्ग महिला (दादी) इस खौफनाक हादसे में चमत्कारिक रूप से बच गईं। जहाँ पूरी गाड़ी का चक्काचूर हो गया और अन्य सभी यात्रियों ने दम तोड़ दिया, वहीं इन महिला का सुरक्षित बचना इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्हें मामूली चोटें आई हैं और स्थानीय अस्पताल में उपचार दिया जा रहा है।
प्रशासन और स्थानीय लोगों की मुस्तैदी
हादसा होते ही स्थानीय ग्रामीण अपनी जान की परवाह किए बिना मदद के लिए हाईवे पर दौड़ पड़े। गैस कटर और भारी औजारों की मदद से गाड़ी के मलबे को काटकर शवों को बाहर निकाला गया। टिटवाला पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य का मोर्चा संभाला।
पुलिस का बयान.
प्रारंभिक जांच में यह तेज रफ्तार और ओवरटेकिंग का मामला लग रहा है। हम इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या मिक्सर चालक ने नियंत्रण खो दिया था। फिलहाल हाईवे से यातायात सुचारू कर दिया गया है और मृतकों के पंचनामे की प्रक्रिया जारी है।
उठते सवाल: खूनी क्यों बन रहे हैं ये महामार्ग
इस हादसे ने एक बार फिर हाईवे पर भारी वाहनों की रफ्तार और सुरक्षा मानकों पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
क्या सीमेंट मिक्सर की रफ्तार सीमा से अधिक थी?
क्या पांजार पुल पर कोई ब्लैक स्पॉट (खतरनाक मोड़) है?
क्षमता से अधिक यात्री होने के कारण क्या इको कार अनियंत्रित हुई!
इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे मुरबाड और कल्याण क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि भारी वाहन चालक सावधानी बरतें, क्योंकि एक छोटी सी चूक सामूहिक हत्याकांड में तब्दील हो सकती है।

