Author: Devanand Singh

क्या बिना हाथ-पैर हिलाए ‘राजा’ बना जा सकता है! एक खतरनाक भ्रम का खुलासा मुंबई (इंद्र यादव) बिना पसीना बहाए सत्ता का ज्ञान पाने की कोशिश केवल एक धोखा है। राजनीति कोई ‘वीडियो गेम’ नहीं, बल्कि हाड़-मांस के इंसानों की सेवा का नाम है। आज के दौर में एक बड़ा ही अजीब और खतरनाक चलन शुरू हुआ है। कुछ लोगों को लगता है कि राज-काज चलाने का मतलब सिर्फ आलीशान कुर्सियों पर बैठकर फाइलें पढ़ना या सोशल मीडिया पर भाषण देना है। यह एक ऐसा बौद्धिक षड्यंत्र है, जो नई पीढ़ी को मेहनत और जमीन से काट रहा है।झूठ का…

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किशोर आक्रामकता एवं हिंसा पर अंकुश लगाने की पहल हो -ललित गर्ग- भारतीय किशोरों में बढ़ रही हिंसक प्रवृत्ति एवं क्रूर मानसिकता चिन्ताजनक है, नये भारत एवं विकसित भारत के भाल पर यह बदनुमा दाग है। पिछले कुछ समय से किशोरों में बढ़ती हिंसा की प्रवृत्ति निश्चित रूप से डरावनी, मर्मांतक एवं खौफनाक है। चिंता का बड़ा कारण इसलिए भी है क्योंकि जिस उम्र में किशोरों के मानसिक और सामाजिक विकास की नींव रखी जाती है, उसी उम्र में कई बच्चों में आक्रामकता एवं क्रूर मानसिकता घर करने लगी है और उनका व्यवहार हिंसक होता जा रहा है। बदलते समय…

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न्याय का विस्तार ही लोकतंत्र की असली कसौटी देवानंद सिंह भारत के प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत का यह कथन कि देश के सामने सबसे बड़ी चुनौती कानूनों की कमी नहीं, बल्कि न्याय तक आम लोगों की सीमित पहुंच है वास्तव में हमारी न्यायिक व्यवस्था की सबसे बड़ी विडंबना को उजागर करता है। एक ओर जहां भारत में अधिकारों और कानूनों का मजबूत ढांचा मौजूद है, वहीं दूसरी ओर इन अधिकारों का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समय पर नहीं पहुंच पाना लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। आज न्याय केवल अदालतों तक सीमित एक औपचारिक व्यवस्था बनकर रह गया…

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स्वास्थ्य व्यवस्था में ‘सेवा’ नहीं, ‘सौदेबाजी’: गंभीर चेतावनी ईमानदार नेतृत्व बनाम असहयोगी तंत्र: सुधार की राह में सबसे बड़ी बाधा देवानंद सिंह जमशेदपुर के स्वास्थ्य विभाग में रिटायर्ड नर्स से घूस मांगने के आरोप में एक क्लर्क का निलंबन महज एक प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि उस गहरी संस्थागत बीमारी का संकेत है जो सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को भीतर से खोखला कर रही है। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि पीड़ित कोई प्रभावशाली व्यक्ति नहीं, बल्कि एक सेवानिवृत्त नर्स है जिसने जीवन भर सेवा दी और अंततः अपने ही वैध अधिकार के लिए भ्रष्टाचार का सामना करना पड़ा। ‘राष्ट्र संवाद इनसाइड’…

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रिश्तों में ‘चालाकी’: जब विदा करने के लिए हालात का सहारा लिया जाता है राष्ट्र संवाद मुंबई (इंद्र यादव) आज के समय में इंसान चाँद तक पहुँच गया है, लेकिन रिश्तों की गहराई में हम थोड़े बौने साबित हो रहे हैं। अक्सर सोशल मीडिया पर एक बात घूमती है कि “लोग अब रिश्ते तोड़ते नहीं, बल्कि मजबूर कर देते हैं कि आप खुद चले जाएं।” यह केवल एक लाइन नहीं है, बल्कि आज के समाज का एक कड़वा सच है जिसे हम ‘इमोशनल मैनिपुलेशन’ या भावनात्मक हेरफेर कह सकते हैं। जिम्मेदारी से भागने की कोशिश आज के दौर में हर…

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शांति वार्ता के बीच सैन्य सियासत पाकिस्तान की दोहरी रणनीति पर सवाल देवानंद सिंह मध्य-पूर्व की जटिल भू-राजनीति एक बार फिर नए मोड़ पर खड़ी है। एक ओर ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर को लेकर अहम बातचीत जारी है, वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान द्वारा सऊदी अरब में अपने सैन्य बलों की तैनाती ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। कूटनीति और सैन्य गतिविधियों का यह समानांतर खेल क्षेत्रीय स्थिरता के लिए कितनी गंभीर चुनौती बन सकता है, यह अब वैश्विक चिंतन का विषय बन गया है। इस्लामाबाद में जारी ईरान-अमेरिका वार्ता में मिस्र, सऊदी अरब, चीन और कतर जैसे…

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शैक्षिक संवाद मंच द्वारा राष्ट्रीय बालशिक्षा शिखर सम्मान लखनऊ में आज • 9 पुस्तकों का विमोचन, सम्मानित होंगे 88 शिक्षक राष्ट्र संवाद संवाददाता लखनऊ। लखनऊ के चारबाग स्थित होटल अम्बर में आज रविवार को शैक्षिक संवाद मंच के तत्वावधान में पुस्तक विमोचन एवं शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया जा रहा है, जिसमें विद्यालयों को आनंदघर के रूप में बदलाव करने लिए साधनारत प्राथमिक शिक्षा में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाले 88 नवाचारी शिक्षक-शिक्षिकाओं को राष्ट्रीय बालशिक्षा शिखर सम्मान -2026 से सम्मानित किया जाएगा। प्रातः 9 से आरंभ इस वैचारिक महाकुंभ की अध्यक्षता शैक्षिक संवाद मंच के संस्थापक प्रमोद दीक्षित मलय…

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फ्लैग: सरयू राय ने किया बेल्डीह तालाब का निरीक्षण तालाब में बाहर से पानी आ रहा, शैवाल ऑक्सीजन सोख रहे:सरयू राय राष्ट्र संवाद संवाददाता जमशेदपुर। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने शनिवार को बेल्डीह तालाब का निरीक्षण किया। हाल ही में ऑक्सीजन की कमी से मछलियों की मौत के बाद उन्होंने तालाब की स्थिति पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि तालाब में बाहरी स्रोत से पानी आ रहा है, जिसकी गुणवत्ता संदिग्ध है और इसकी जांच प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को करनी चाहिए। तालाब में तेजी से बढ़ रहे शैवाल और जलीय घास ऑक्सीजन सोख रहे हैं, जिससे जलीय…

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शैक्षिक संवाद पुस्तक माला : आनंदघर विद्यालय की ओर एक प्रभावी कदम • प्रमोद दीक्षित मलय ‘शैक्षिक संवाद मंच’ द्वारा शैक्षिक मुद्दों पर केंद्रित शीघ्र प्रकाश्य दो पुस्तिकाओं की पांडुलिपियां- परिवेश से कैसे सीखें तथा बच्चे, शिक्षक, अभिभावक, विद्यालय क्या हैं; मेरे हाथों में हैं, जिनका संपादन शिक्षक साथी दुर्गेश्वर राय (गोरखपुर) ने किया है। इन लघु पुस्तकों के मुद्दे एवं शामिल वैचारिक लेख प्रेरक एवं दिशा देने वाले हैं। वास्तव में शिक्षा सामाजिक बदलाव का सर्वाधिक महत्वपूर्ण एवं प्रभावी माध्यम है। शिक्षा ही व्यक्ति को रचती-गढ़ती है और उसे सामाजिक बनाती एवं श्रेष्ठ नागरिक के रूप में विकसित करती…

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असम और केरल चुनाव: इनकंबेंसी और सियासी समीकरण निशिकांत ठाकुर देश के पाँच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। ये हैं असम, केरलम, पुदुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल। इनमें तीन असम, पुदुचेरी और केरलम के लिए मतदान सन्निकट हैं। आने वाले गुरुवार को मतदान होने जा रहे हैं। मतगणना होने तक किसी भी राज्य में चुनाव को लेकर स्पष्ट कुछ नहीं कहा जा सकता, लेकिन अनुमान लगाना और विश्लेषण करना मानवीय प्रवृत्ति है। इससे किसी को रोका नहीं जा सकता। सबके अपने-अपने विचार हैं और विश्लेषण का अपना-अपना तरीका भी। अतः इनके लिए भी विश्लेषण शुरू हो गया…

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