शैक्षिक संवाद मंच द्वारा राष्ट्रीय बालशिक्षा शिखर सम्मान लखनऊ में आज
• 9 पुस्तकों का विमोचन, सम्मानित होंगे 88 शिक्षक
राष्ट्र संवाद संवाददाता
लखनऊ। लखनऊ के चारबाग स्थित होटल अम्बर में आज रविवार को शैक्षिक संवाद मंच के तत्वावधान में पुस्तक विमोचन एवं शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया जा रहा है, जिसमें विद्यालयों को आनंदघर के रूप में बदलाव करने लिए साधनारत प्राथमिक शिक्षा में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाले 88 नवाचारी शिक्षक-शिक्षिकाओं को राष्ट्रीय बालशिक्षा शिखर सम्मान -2026 से सम्मानित किया जाएगा। प्रातः 9 से आरंभ इस वैचारिक महाकुंभ की अध्यक्षता शैक्षिक संवाद मंच के संस्थापक प्रमोद दीक्षित मलय करेंगे। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सचिवालय के विशेष सचिव (से.नि.) और वरिष्ठ साहित्यकार राम नगीना मौर्य, विशिष्ट अतिथि एनसीईआरटी नई दिल्ली के प्रकाशन विभाग के सहायक संपादक एवं साहित्यकार शिव मोहन याद तथा हिमालयी लोक संग्रहालय एवं शोध संस्थान मेंद्रथ, देहरादून के संस्थापक डॉ. सुरेन्द्र कुमार आर्यन का मार्गदर्शन एवं सान्निध्य प्राप्त होगा। समारोह में 9 पुस्तकों का विमोचन भी होगा।
उक्त जानकारी देते हुए शैक्षिक संवाद मंच के संयोजक दुर्गेश्वर राय और अध्यक्ष विनीत कुमार मिश्र ने बताया कि यह आयोजन ‘विद्यालय बनें आनंदघर’ की परिकल्पना को साकार करने वाले शिक्षकों को सम्मानित करने एवं शिक्षकों द्वारा रचित शिक्षा साहित्य के विमोचन के लिए किया गया है। मंच का विचार है कि शिक्षण की प्रक्रिया आनंदमय। मैत्रीपूर्ण एवं बालकेंद्रित हो। आज विमोचित होने वाली पुस्तकों में दुर्गेश्वर राय द्वारा संपादित छह साझा संग्रहों- अन्विति, मेरी शिक्षकीय यात्रा, पलाश की छाँव में, काव्याम्बर भाग-1, परिवेश से कैसे सीखें, बच्चे अभिभावक शिक्षक विद्यालय क्या हैं, बाल पंचामृत (लेखक- दुर्गेश्वर राय) और डॉ. प्रमोद कुमार सेठिया की ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और गिजुभाई बधेका के शैक्षिक विचार’ सहित मुख्य अतिथि रामनगीना मौर्य का कहानी संग्रह आदि महत्वपूर्ण कृतियां शामिल हैं। समारोह के विभिन्न सत्रों में चयनित शिक्षकों को पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र, सम्मान पत्र और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया जाएगा। शिक्षा की वर्तमान चुनौतियां और भविष्य की संभावनाओं पर विचार-विमर्श होगा।

