वाराणसी में प्रधानमंत्री बोले: सरकार की नीतियों के केंद्र में बहन-बेटियां, महिला सम्मेलन में उमड़ी नारीशक्ति
राष्ट्र संवाद संवाददाता
वाराणसी में आयोजित महिला सम्मेलन में प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के केंद्र में देश की बहनों और बेटियों को रखा गया है। उन्होंने कहा कि काशी में आयोजित यह महिला सम्मेलन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि नारीशक्ति के वंदन, सम्मान और विकास का उत्सव है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की महिलाएं आज हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। सरकार का निरंतर प्रयास है कि महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, स्वरोजगार और नेतृत्व के अधिक अवसर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएं चलाई गई हैं, जिनका लाभ करोड़ों महिलाओं तक पहुंचा है।
उन्होंने कहा कि उज्ज्वला योजना, जनधन खाते, मातृत्व योजनाएं, स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा, मुद्रा योजना तथा आवास योजनाओं ने महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है। आज गांव से लेकर शहर तक महिलाएं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि काशी की धरती सदियों से शक्ति, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना की प्रतीक रही है। ऐसे पावन नगर में महिला सम्मेलन का आयोजन नारी सम्मान के संदेश को और मजबूत करता है।
उन्होंने सम्मेलन में उमड़ी महिलाओं की बड़ी भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि वाराणसी के महिला सम्मेलन में नारीशक्ति की सहभागिता अत्यंत प्रेरणादायक रही। यह उत्साह बताता है कि देश की महिलाएं अब विकास यात्रा की दर्शक नहीं, बल्कि उसकी नेतृत्वकर्ता बन चुकी हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में महिलाओं की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण शक्ति है। जब देश की बहन-बेटियां आगे बढ़ती हैं, तो पूरा राष्ट्र आगे बढ़ता है।
सम्मेलन में बड़ी संख्या में महिलाओं की उपस्थिति और उत्साहपूर्ण माहौल ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। प्रधानमंत्री के संबोधन पर उपस्थित महिलाओं ने जोरदार समर्थन व्यक्त किया।

