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    Home » दक्षिण कोरिया में सदियों पुरानी है कुत्ते के मांस को खाने की परंपरा, लग सकता है प्रतिबंध
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    दक्षिण कोरिया में सदियों पुरानी है कुत्ते के मांस को खाने की परंपरा, लग सकता है प्रतिबंध

    Devanand SinghBy Devanand SinghSeptember 29, 2021No Comments2 Mins Read
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    दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे-इन अपने देश में कुत्ते के मांस खाने की विवादास्पद परंपरा पर प्रतिबंध लगाने का विचार कर रहे हैं. राष्ट्रपति के प्रवक्ता ने इसकी जानकारी दी है. मून जे-इन ने कहा है कि कुत्ते के मांस को खाने की परंपरा को बंद करने का वक्त आ चुका है. ये एक ऐसी परंपरा है, जिसे लेकर एक्टिविस्ट ने काफी विरोध किया है और इसे जानवरों के साथ होने वाली बदसलूकी करार दिया है. दक्षिण कोरिया ने कुत्ते को खाने का चलन काफी पॉपुलर है. यही वजह है कि यहां के लोग इसे बड़े चाव से खाते हैं.

    राष्ट्रपति कार्यालय ने बताया कि प्रधानमंत्री किम बू-क्यूम के साथ राष्ट्रपति मून जे-इन ने एक साप्ताहिक कॉल की. इस दौरान राष्ट्रपति मून ने कहा कि सरकार को कुत्ते के मांस की खपत को प्रतिबंधित करना चाहिए. राष्ट्रपति मून ने प्रधानमंत्री किम बू-क्यूम से पूछा कि क्या अब समय नहीं आया है कि कुत्ते के मांस के सेवन को प्रतिबंधित करने पर विवेकपूर्ण ढंग से विचार किया जाए? हालांकि, दोनों नेताओं के बीच की पूरी बात को सार्वजनिक नहीं किया गया है. लेकिन दोनों नेताओं के बीच हुई इस बातचीत से ये तो स्पष्ट हो गया है कि आने वाले वक्त में कुत्ते के मांस को खाने पर बैन लगा दिया जाएगा.

    दरअसल, हर साल दक्षिण कोरिया में 10 लाख कुत्तों को खाने के लिए मार दिया जाता है. कुत्ते को खाने की प्रथा का युवा पीढ़ी ने विरोध किया है, लेकिन ये परंपरा बुजुर्गों के बीच काफी आम है. ह्यूमन सोसाइटी द्वारा किए गए 2020 के सर्वे में कहा गया है कि 84 फीसदी दक्षिण कोरियाई कुत्ते का मांस नहीं खाने को लेकर प्रतिबद्ध हैं. वहीं, 60 फीसदी ऐसे लोग थे, जिन्होंने विधायी प्रतिबंध का समर्थन किया. राष्ट्रपति मून को कुत्तों से प्यार करने वाले व्यक्ति के तौर पर देखा जाता है. उन्होंने अपने राष्ट्रपति भवन में कई कुत्तों को पाला हुआ है. इसमें एक वो कुत्ता टोरी भी शामिल है, जिसे उन्होंने रेस्क्यू किया है.

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