दलमा वाइल्डलाइफ सेंचुरी में मना हथिनी रजनी का 14 वां जन्मदिन
शामिल हुए वन विभाग के अधिकारी, स्कूली बच्चे और ग्रामीण
वन विभाग मना रहा है वन्य प्राणी सप्ताह साल 2009 में झुंड से बिछड़ गड्ढे में मिली थी रजनी
सरायकेला- खरसावां जिले के चांडिल प्रखंड अंतर्गत दलमा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी में 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक वन्य प्राणी सप्ताह के तहत शुक्रवार को माकुलाकोचा चेक नका में हथिनी रजनी का 14वां जन्मदिन मनाया गया. इस दौरान 20 पाउंड का केक भी काटा गया. इस अवसर पर स्कूली बच्चे, वन रक्षी और पदाधिकारी के साथ ग्रामीण भी शामिल हुए.
दलमा पश्चिमी रेंज के रेंजर दिनेश चंद्रा ने बताया कि ये खुशी की बात है. इससे लोगों में एक अच्छा संदेश जाता है. जिस तरह हम अपने घर के बच्चों का जन्मदिन मना सकते हैं तो वन्यप्राणी का क्यों नहीं. उन्होंने बताया कि रजनी के जन्मदिन पर लोगों को जंगली जानवरों के प्रति जागरूक करना एक मुख्य उद्देश्य है. रजनी के जन्मदिन को लेकर वन विभाग ये संदेश देना चाहता है कि जानवर भी पृथ्वी के लिए महत्वपूर्ण हैं और उनका भी अपना महत्व है. इसी संदेश को ध्यान में रखकर जन्मदिन मनाया जाता है. वन विभाग की कोशिश है कि इससे दूसरे भी सीख लें. जानवरों की सुरक्षा का संदेश देने के लिए स्कूल के बच्चें व ग्रामीणों साथ रजनी के जन्मदिन का केक काटा जाता है.
बता दें कि साल 2009 में रजनी हाथियों की झुंड से बिछड़कर चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के जरगोडीह के पास एक गड्ढे में फंसी मिली थी. घायल अवस्था में उसे निकालकर टाटा जू लाया गया था, जहां काफी दिनों तक टाटा जू के डॉक्टर एम पालित की देखरेख में रजनी का इलाज हुआ. जब रजनी ठीक हो गई तो उसे दलमा वन्यप्राणी आश्रयणी माकुलाकोचा लाया गया. दलमा के मकुलाकोचा चेक नाका में बकायदा इस हथिनी का नामकरण रजनी के रूप में किया गया. उसी समय से रजनी का जन्मदिन धूमधाम से स्कूल के बच्चे और ग्रामीणों के साथ मनाया जाता है

