Author: Devanand Singh

हरीश राणा की कहानी: मां-बाप का संघर्ष और इज्जत से विदाई देवानंद सिंह बेटा जा रहा है… पर इज्जत से एक मां-बाप की सबसे कठिन विदाई कभी-कभी जिंदगी ऐसे सवाल हमारे सामने खड़े कर देती है जिनका जवाब कानून, चिकित्सा और समाज तीनों मिलकर भी पूरी तरह नहीं दे पाते। गाजियाबाद में हरीश राणा की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। यह सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि उस मानवीय पीड़ा का दस्तावेज है जो उम्मीद और वास्तविकता के बीच वर्षों तक झूलती रहती है। तेरह वर्षों तक कोमा में पड़े बेटे को जीवित रखने के लिए उसके माता-पिता…

Read More

समाज की सुरक्षा के लिए 24 घंटे ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मियों के संघर्ष और ‘खाकी वर्दी’ के पीछे छिपी पीड़ा पर अमन शांडिल्य का विशेष आलेख पढ़ें। अमन शांडिल्य अक्सर समाज में पुलिसकर्मियों की कार्यशैली को लेकर सवाल उठाए जाते हैं, लेकिन खाकी वर्दी पहनकर दिन-रात जनता की सुरक्षा में लगे पुलिस पदाधिकारी और जवानों की वास्तविक पीड़ा और संघर्ष को समझना भी उतना ही जरूरी है। सड़क पर खड़े होकर यातायात नियंत्रित करने से लेकर कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक, पुलिसकर्मी 24 घंटे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं। कई बार मौसम की परवाह किए बिना, धूप-बारिश और कड़ाके की…

Read More

नीले कबूतर को उड़ाने चले थे, खुद ही पिंजरे में कैद हो गए! अभिनव सिंह करनी सेना के ‘फेक दबदबे’ का भयंकर पर्दाफाश! राष्ट्र संवाद उत्तर प्रदेश (इंद्र यादव) बाराबंकी की धरती पर इन दिनों एक नया ‘सर्कस’ चल रहा है, जिसके रिंगमास्टर हैं अभिनव सिंह करनी सेना। भाई साहब चले थे भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद (जिन्हें ये अपनी डिक्शनरी में ‘नीला कबूतर’ कहते हैं) का रास्ता रोकने, लेकिन सीन ऐसा पलटा कि अब खुद ही ‘कबूतर’ की तरह पिंजरे (पुलिस प्रोटेक्शन) में बैठकर दाना चुग रहे हैं! हाउस अरेस्ट है या ‘हॉलिडे पैकेज’ तस्वीरों को गौर से देखिए…

Read More

खड़ीबोली हिंदी के प्रथम महाकाव्य ‘प्रिय प्रवास’ के रचयिता अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ की पुण्यतिथि पर प्रमोद दीक्षित मलय का विशेष आलेख पढ़ें। • प्रमोद दीक्षित मलय हिंदी साहित्य इतिहास का आधुनिक काल खंड भारतेन्दु हरिश्चन्द्र से माना जाता है, जिन्होंने हिंदी साहित्य की विविध विधाओं पर न केवल स्वयं खड़ीबोली में रचनाएं लिखीं बल्कि अन्यान्य लेखकों को प्रेरित एवं प्रोत्साहित भी किया। पत्र-पत्रिकाओं का संपादन करते हुए लेखकों को अभिव्यक्ति हेतु अवसर और मंच उपलब्ध कराया। फलत: खड़ीबोली में कविताएं और गद्य रचनाओं का लेखन होने लगा। कविता लेखन को ब्रजभाषा से निकाल कर खड़ीबोली हिंदी के क्षेत्र में…

Read More

डोनाल्ड ट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति, टैरिफ विवाद और भारत की रणनीतिक स्वायत्तता पर महेंद्र तिवारी का विशेष आलेख। जानें भारत-अमेरिका संबंध का भविष्य। – महेन्द्र तिवारी डोनाल्ड ट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति और उनके आक्रामक व्यापारिक दृष्टिकोण ने वैश्विक भू-राजनीति में भारत और अमेरिका के संबंधों को एक जटिल धरातल पर लाकर खड़ा कर दिया है। हाल के घटनाक्रम और ट्रंप के बयानों से यह आभास होता है कि वे भारत के आर्थिक उभार को एक चुनौती के रूप में देख रहे हैं, विशेषकर जब वे सार्वजनिक रूप से यह कहते हैं कि वे भारत को ‘अगला चीन’ नहीं…

Read More

चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में चुनाव की घोषणा कर दी है। इन ‘पांच राज्यों के चुनाव’ पर देवानंद सिंह का विश्लेषण पढ़ें। देवानंद सिंह भारत में चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया नहीं होते, बल्कि यह लोकतंत्र के जीवंत होने का सबसे बड़ा प्रमाण भी होते हैं। निर्वाचन आयोग द्वारा पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही देश में एक बार फिर लोकतांत्रिक उत्सव का माहौल बनने लगा है। आयोग के अनुसार इन पांच राज्यों में अप्रैल महीने में मतदान होगा और चार मई…

Read More

गोरखपुर जर्नलिस्ट एसोसिएशन (गोजए) के 42वें शपथ ग्रहण समारोह में कोरोना के बाद पत्रकारिता की चुनौतियों और AI से उपजे विश्वसनीयता संकट पर गंभीर चर्चा। राष्ट्र संवाद संवाददाता गोरखपुर। कोरोना महामारी के बाद पत्रकारिता पर सबसे बड़ा संकट विश्वसनीयता का आया। पत्रकारिता का संगठित स्वरूप छितरा गया और बाद के दिनों में ए आई इफेक्ट ने रही सही कसर भी पूरी कर दी. उक्त विचार वरिष्ठ साहित्यकार एवं पूर्व प्रशासनिक अधिकारी श्री रणविजय सिंह ने व्यक्त किया. गोरखपुर जर्नलिस्ट एसोसिएशन के 42 वें शपथ ग्रहण समारोह में बतौर सभा अध्यक्ष बोलते हुए श्री सिंह ने कहा कि पत्रकार समाचार के…

Read More

बिरसानगर क्षेत्र में भूमि माफिया, पदाधिकारियों और राजनीतिक संरक्षण का कथित “कॉकटेल” सक्रिय? बिरसानगर भूमि माफिया प्रकरण फिर सुर्खियों में, सीओ की भूमिका और कार्रवाई पर उठे सवाल देवानंद सिंह जमशेदपुर: शहर में एक बार फिर भूमि माफिया का मामला चर्चा में आ गया है। ‘राष्ट्र संवाद’ ने इस पूरे प्रकरण को लेकर अपनी पड़ताल तेज कर दी है और बिरसानगर क्षेत्र में जमीन से जुड़े कई गंभीर सवाल उठाए हैं। बताया जा रहा है कि जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की चुनावी व्यस्तता के कारण कुछ समय के लिए इस मुद्दे पर विराम लग गया था, लेकिन अब इसे…

Read More

मुंबई में साइबर ठगों ने रिटायर्ड BEST कर्मचारी को ‘डिजिटल अरेस्ट’ का खौफ दिखाकर करीब 40 लाख रुपये ठग लिए। पढ़ें इस सनसनीखेज साइबर अपराध की पूरी खबर। राष्ट्र संवाद मुंबई (इंद्र यादव) मायानगरी में साइबर अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब वे पुलिस बनकर लोगों की गाढ़ी कमाई पर डाका डाल रहे हैं। ताज़ा मामला भांडुप (वेस्ट) का है, जहाँ एक रिटायर्ड BEST कर्मचारी, दीपक मोंडकर, एक बेहद शातिराना ‘डिजिटल अरेस्ट’ घोटाले का शिकार हो गए। ठगों ने उन्हें डरा-धमकाकर उनके बैंक खाते से ₹39.6 लाख उड़ा लिए। कैसे बुना गया ठगी का जाल?! इस सनसनीखेज लूट…

Read More

गुवाहाटी और पश्चिम बंगाल में पीएम मोदी का भाषण और इसके राजनीतिक मायने। असम के विकास से लेकर बंगाल में बदलाव के आह्वान पर देवानंद सिंह का विशेष विश्लेषण। देवानंद सिंह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हालिया असम और पश्चिम बंगाल दौरा केवल सरकारी कार्यक्रमों तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके पीछे स्पष्ट राजनीतिक संदेश भी दिखाई देता है। गुवाहाटी और सिलचर में जहां उन्होंने विकास और “डबल इंजन सरकार” की उपलब्धियों को रेखांकित किया, वहीं पश्चिम बंगाल में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला करते हुए राजनीतिक परिवर्तन का आह्वान किया। इन दोनों राज्यों में दिए गए उनके भाषणों…

Read More