काण्ड्रा रेल परिसर में माँ काली की भव्य पूजा सम्पन्न, शांति पूर्वक हुआ प्रतिमा विसर्जन
राष्ट्र संवाद संवाददाता
काण्ड्रा रेल परिसर स्थित काली मंडप में माँ काली की भव्य सज्जा के साथ इस वर्ष की पूजा धूमधाम से सम्पन्न हुई। आज शाम श्रद्धालुओं ने शांति एवं श्रद्धा के साथ माँ काली की प्रतिमा का विसर्जन किया।
काण्ड्रा में यह पूजा सबसे पौराणिक मानी जाती है। स्थानीय श्रद्धालु माँ काली की प्रतिमा को “जागृत माता” मानते हैं। बताया जाता है कि काण्ड्रा रेलवे इंजीनियरिंग विभाग के अधीन इस पूरे रेल क्षेत्र में अब तक कोई बड़ी या मामूली दुर्घटना नहीं घटी है। यही विश्वास रेल कर्मियों में माँ काली के प्रति अटूट श्रद्धा का कारण बना हुआ है।
काण्ड्रा 32 जीसी गेंग के रेल कर्मी हर वर्ष माँ से रेल पटरी की सुरक्षा और कार्यस्थल की मंगलकामना के लिए विशेष आशीर्वाद मांगते हैं। इस गैंग के अलावा इंजीनियरिंग विभाग के सेवानिवृत्त कर्मी भीमसेन महतो प्रतिवर्ष माँ को पाठा बलि अर्पित करते आए हैं।
यहां की एक विशेष परंपरा यह भी है कि पूजा के लिए किसी प्रकार का चंदा नहीं मांगा जाता। सभी रेल कर्मी स्वेच्छा से आर्थिक सहयोग देते हैं। यहां तक कि जो रिटायर्ड कर्मी जो काण्ड्रा छोड़ चुके हैं, वे भी इस पूजा में उत्साहपूर्वक योगदान करते हैं।
इस वर्ष पूजा का विधिवत संचालन पूजारी श्यामा मुखर्जी द्वारा किया गया, जबकि सीनियर सेक्शन इंजीनियर पृथ्वीनाथ यादव यजमान के रूप में उपस्थित रहे। आयोजन में बी.के. पंडा, राजकुमार, प्रवीण कुमार, पंचानन शापुकार, नीरज कुमार सिंह, रोहिनो और बुद्धेश्वर महतो सहित कई रेल कर्मियों ने विशेष सहयोग दिया।
माँ काली की जयघोष और श्रद्धा से ओतप्रोत इस वार्षिक पूजा ने एक बार फिर काण्ड्रा रेल परिसर को धार्मिक आस्था और कर्मनिष्ठा के अद्भुत संगम में परिवर्तित कर दिया।

