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    Home » जूट से होगी शत-प्रतिशत खाद्यान्नों की पैकेजिंग, किसानों को होगा फायदा
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    जूट से होगी शत-प्रतिशत खाद्यान्नों की पैकेजिंग, किसानों को होगा फायदा

    Devanand SinghBy Devanand SinghOctober 30, 2020No Comments2 Mins Read
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    नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज कैबिनेट और सीसीईए की बैठक में पेट्रोलियम मंत्रालय के प्रस्ताव को मानते हुए एथेनॉल की कीमतें बढ़ाने का फैसला लिया गया है.

    केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि एथेनॉल की कीमतों में 5 से 8 प्रतिशत बढ़ोतरी की गई है. शुगर से बनने वाले एथेनॉल की कीमत 62.65 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है. बी हैवी की कीमत 57.61 रुपये और सी हैवी की कीमत 45.69 प्रति लीटर कर दी गई है. इससे शुगर मिलों के हाथ में ज्यादा पैसा आएगा और वे किसानों के बकाये का भुगतान कर पाएंगे. उन्होंने कहा कि 10 प्रतिशत एथेनॉल को पेट्रोल में मिलाया जाता है.

    केंद्रीय कैबिनेट ने गुरुवार को जूट के बैग को बढ़ावा देने के लिए खाद्यान के सामान की जूट के बैग में पैकिंग की जाएगी. अब खाद्दान की सौ प्रतिशत पैकेजिंग जूट के थैलों में और चीनी के बीस प्रतिशत सामान की पैकजिंग जूट के थैलों में ही होगी. आम लोगों के लिए जूट के थैलों का क्या दाम होगा, इसका फैसला कमेटी करेगी.

    प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि खाद्यान्न की 100 प्रतिशत और चीनी की 20 प्रतिशत जूट पैकेजिंग को अनिवार्य कर दिया है. इससे जूट की मांग बढ़ेगी और जूट की खेती को बढ़ावा मिलेगा. इससे पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम, मेघालय, त्रिपुरा और आंध्र प्रदेश के जूट किसानों को फायदा होगा.

    कैबिनेट बैठक में बांधों की सुरक्षा और मेंटनेंस के लिए नई योजना को मंजूरी दी गई है. ये परियोजना दो चरणों में पूरी होगी, जिसकी लागत दस हजार करोड़ रुपये तक का होगी. इस योजना के तहत मौजूदा बांधों को नई तकनीक के आधार पर तैयार किया जाएगा, जो बांध काफी पुराने हो गए हैं उनमें सुधार किया जाएगा और अन्य कामों को पूरा किया जाएगा.

    इसके अलावा केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देशभर में चयनित 736 बांधों की सुरक्षा और परिचालन प्रदशज़्न में सुधार के लिए बाहरी सहायता प्राप्त बांध पुनर्वास और सुधार परियोजना के दूसरे और तीसरे चरण को मंजूरी दी है. इस परियोजना पर कुल 10,211 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इस परियोजना को अप्रैल 2021 से मार्च 2031 तक लागू किया जाएगा.

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