राष्ट्र संवाद संवाददाता
जिले के छोटा गम्हरिया स्थित वात्सल्य बालिका गृह से बीते मंगलवार की रात दो नाबालिग लड़कियों के फरार होने की घटना के 48 घंटे बीत जाने के बाद भी दोनों बच्चियों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। इस मामले को लेकर गुरुवार को जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सत्या ठाकुर के नेतृत्व में एक टीम द्वारा वात्सल्य गृह पहुंच कर जांच की गई। उक्त टीम में सरायकेला की सीडीपीओ सुरुचि प्रसाद और बाल कल्याण समिति की सदस्य पदमा गोराई शामिल थी। टीम द्वारा पूरे परिसर का निरीक्षण किया गया तथा सेंटर के कर्मचारियों से पूछताछ की गई। साथ ही, वहां रह रही बालिकाओं से भी टीम के सदस्यों ने अलग अलग पूछताछ किया। साथ ही, सेंटर में लगाए गए सीसीटीवी फुटेज को भी देखा। सीसीटीवी कैमरा में मंगलवार को रात्रि 8.03 बजे दोनों बालिकाओं द्वारा दीवार फांदकर कूदने का स्पष्ट प्रमाण मिला है। निरीक्षण के पश्चात, बाल कल्याण समिति की पदमा गोराई ने बताया कि दोनों बालिकाएं हमेशा घर जाने की बात करती थी। इस बावत वार्डन द्वारा संबंधित अधिकारियों को पूर्व में भी सूचना दी गई थी। इसी बीच दोनों बालिकाएं भाग खड़ी हुई। उन्होंने बताया कि कुचाई के दलभंगा की रहने वाली बच्ची को अपने प्रेमी के साथ देखी गई है। इस बावत उसके मामा द्वारा सूचना प्राप्त हुई है। जल्द ही उसके मामा से संपर्क कर बच्ची को खोज लिया जाएगा। वहीं, पटमदा की रहने वाली बालिका का कुछ पता नहीं चल पाया है। उसे खोजने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस वात्सल्य बालिका गृह में सरायकेला, जमशेदपुर और जामताड़ा की कुल 13 बालिकाएं रह रही थी जिसमें एक बच्ची की तबियत खराब होने की कारण उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है जबकि दो फरार हो गई है। वर्तमान में 10 बालिकाएं यहां पूर्ण रूप से सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया यह बात सामने आई है कि इस वात्सल्य गृह का चाहरदीवारी ऊँचा नहीं है जिस कारण बालिकाएं फरार होने में सफल रही। इस बावत केंद्र के संचालक को अविलंब चाहरदीवारी का निर्माण कराने का निर्देश दिया गया है। वहीं, संचालक प्रमोद कुमार वर्मा ने बताया कि जल्द ही चाहरदीवारी का निर्माण प्रारंभ किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यहां दो महिला सुरक्षा गार्ड की तैनाती की गई है। मंगलवार को रात्रि पाली की महिला सुरक्षाकर्मी फ्रेश होने के लिए गई थी। इसी मौके का फायदा उठाकर दोनों बालिकाएं फरार होने में कामयाब हो गई।

