लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर के शैक्षणिक इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ते हुए, मेधावी छात्रों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जमील हैदर एकेडमिक एक्सीलेंस अवॉर्ड का शानदार आयोजन किया गया। इस विशेष पुरस्कार समारोह का मुख्य उद्देश्य युवाओं के भीतर शिक्षा, अनुशासन और नवाचार की भावना को जागृत करना है ताकि वे भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार हो सकें। आज के इस दौर में विद्यार्थियों को न केवल उच्च अंक प्राप्त करने की आवश्यकता है, बल्कि उन्हें एक बेहतर नागरिक बनने के लिए सामाजिक मूल्यों को भी आत्मसात करना होगा।
जमील हैदर एकेडमिक एक्सीलेंस अवॉर्ड का मुख्य उद्देश्य और महत्व
जमशेदपुर: टेल्को स्थित मिल्लत हॉल में रविवार को “दि जमील हैदर एकेडमिक एक्सीलेंस अवॉर्ड सेरेमनी” के तहत “सेलिब्रेशन ऑफ एक्सीलेंस” कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर जैक, सीबीएसई एवं आईसीएसई बोर्ड के माध्यमिक और इंटरमीडिएट परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 34 मेधावी छात्र-छात्राओं को उनकी उपलब्धियों के आधार पर सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया।
झारखंड में शिक्षा के स्तर को सुधारने और छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने में इस तरह के आयोजन बेहद मददगार साबित होते हैं। झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC), सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड के छात्र इस प्रकार के सम्मान से प्रेरित होकर भविष्य में और भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रतिबद्ध होते हैं। यह मंच छात्रों की मेहनत को एक नई पहचान देता है।
कार्यक्रम का शुभारंभ टेल्को मस्जिद के इमाम कारी इमरान रजा द्वारा कुरआन पाक की तिलावत से हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आदित्यपुर नगर निगम के आयुक्त एजाज अनवर उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में करीम सिटी कॉलेज के पीजी अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ. याहिया इब्राहिम, टाटा स्टील के एचआरएम प्रमुख राशिद जाफरी तथा करीमिया स्कूल के सचिव मोहम्मद असदुल्लाह मौजूद रहे।
युवाओं के लिए अनुशासन और नवाचार का संदेश
आज के इस आधुनिक और डिजिटल युग में विद्यार्थियों के लिए सही मार्गदर्शन मिलना अत्यंत आवश्यक है। जब तक छात्रों को उनके हुनर के अनुसार सही मंच और प्रोत्साहन नहीं मिलेगा, तब तक वे समाज के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान नहीं दे पाएंगे। इसी कमी को दूर करने के लिए जमील हैदर एकेडमिक एक्सीलेंस अवॉर्ड जैसी पहल की शुरुआत की गई है, जो न केवल छात्रों को सम्मानित करती है बल्कि उन्हें आगे बढ़ने के लिए एक ठोस दिशा भी प्रदान करती है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्वी सिंहभूम जिला 15 सूत्री कार्यान्वयन समिति के सदस्य रियाजुद्दीन खान ने की, जबकि संचालन समाजसेवी मंजर काजमी ने किया। कार्यक्रम के संयोजक जहीर अहमद सिद्दीकी थे। मुख्य अतिथि एजाज अनवर ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यार्थियों को सफलता प्राप्त करने के लिए जीवन में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर पूरी एकाग्रता के साथ उसकी ओर आगे बढ़ना चाहिए। डॉ. याहिया इब्राहिम ने कहा कि वर्तमान समय प्रतिस्पर्धा का युग है, इसलिए केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं, बल्कि प्रतियोगी माहौल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करना आवश्यक है।
शिक्षाविदों का मानना है कि केवल अकादमिक अंक प्राप्त करना ही जीवन का अंतिम लक्ष्य नहीं होना चाहिए। छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान, नेतृत्व क्षमता और जीवन मूल्यों को भी अपने भीतर समाहित करना होगा। जमील हैदर एकेडमिक एक्सीलेंस अवॉर्ड के माध्यम से यही संदेश समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
राशिद जाफरी ने विद्यार्थियों से नवाचार (इनोवेशन) को अपनाने और कुछ नया करने की सोच विकसित करने का आह्वान किया। वहीं मोहम्मद असदुल्लाह ने सफलता के लिए अनुशासन, नियमित अध्ययन और निरंतर मेहनत को सबसे महत्वपूर्ण बताया। यह कार्यक्रम स्वर्गीय हाजी जमील हैदर की स्मृति में आयोजित किया गया, जिसमें उनके दोनों पुत्र अजहर जमील एवं एजाज जमील भी उपस्थित रहे।
समारोह को सफल बनाने में शाहिद अफरोज, शाहजहां दारा, अख्तर अली, मोहम्मद समीउल्लाह अंसारी, खलील अंसारी, आबिद हुसैन, दानिश सिद्दीकी, आसिफ इकबाल, इरशाद अहमद, मोहम्मद अशरफ, मोहम्मद तारिक सहित आयोजन समिति के सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम में उत्तरी घोड़ाबांधा के मुखिया छोटा टुडू, डॉ. इश्तियाक कादरी, शाहिद परवेज, मोहम्मद अलीम अख्तर, मास्टर मोहम्मद जमील, अली अख्तर, खुर्शीद अनवर समेत बड़ी संख्या में गणमान्य लोग, अभिभावक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
भविष्य के निर्माण में सामाजिक प्रयासों की भूमिका
इस प्रकार के सामुदायिक और सामाजिक आयोजनों से न केवल बच्चों का मनोबल बढ़ता है, बल्कि अभिभावकों को भी यह विश्वास होता है कि उनके बच्चों की मेहनत को समाज में सराहा जा रहा है। स्वर्गीय हाजी जमील हैदर की याद में शुरू किया गया जमील हैदर एकेडमिक एक्सीलेंस अवॉर्ड आने वाले वर्षों में जमशेदपुर के छात्रों के लिए एक बड़ा प्रेरणास्रोत बनेगा। शिक्षा के क्षेत्र में इस तरह के उत्कृष्ट प्रयासों की जितनी सराहना की जाए, वह कम है।

