लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर। सिंहभूम जिला हिन्दी साहित्य सम्मेलन / तुलसी भवन द्वारा आयोजित तुलसी जयंती समारोह के अन्तर्गत शनिवार, 11 जुलाई को कक्षा 1 से 3 तक तथा रविवार, 12 जुलाई को कक्षा 4 से 7 तक के छात्रों के लिये श्री हनुमान चालीसा कंठस्थ पाठ प्रतियोगिता सम्पन्न हुई । जिसमें नगर के 38 विद्यालयों के कुल 502 विद्यार्थियों ने भाग लिया । कार्यक्रम का आरंभ संस्थान के न्यासी मुरलीधर केडिया, उपाध्यक्ष राम नन्दन प्रसाद, मानद महासचिव डाॅ० प्रसेनजित तिवारी, कार्यकारिणी के प्रसन्न वदन मेहता, ओम प्रकाश अग्रवाल एवं साहित्य समिति के पदाधिकारियों द्वारा संयुक्त रुप से दीप प्रज्वलन के साथ हुआ । तत्पश्चात संस्थान के मानद महासचिव डाॅ० प्रसेनजित तिवारी ने उपस्थित लोगों का स्वागत करते हुये पुरे कार्यक्रम की विस्तार से जानकारी दी ।
प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका में सर्वश्री यमुना तिवारी व्यथित, नीलिमा पाण्डेय, माधवी उपाध्याय, डाॅo वीणा पाण्डेय भारती, डाॅo अरुण सज्जन, राजेन्द्र राज, नीता सागर चौधरी, अनीता निधि, ममता कर्ण, विजयालक्ष्मी ‘वेदुला’, नीलम पेड़ीवाल एवं । जबकि प्रतिभागियों को प्रतिभागिता प्रमाण पत्र एवं उपहार प्रदान करने वालों में सर्वश्री राम नन्दन प्रसाद, प्रसन्न वदन मेहता, डाॅo प्रसेनजित तिवारी, डाॅo अजय कुमार ओझा, ब्रजेन्द्रनाथ मिश्र, सुरेश चन्द्र झा, क्षमाश्री दुबे, उपासना सिन्हा, वसंत जमशेदपुरी, अजय प्रजापति, अरुणा झा, रीना गुप्ता, लक्ष्मी सिंह रुबी, रीना सिन्हा, कैलाश नाथ शर्मा ‘गाजीपुरी’, डाॅo उदय प्रताप हयात, माधुरी मिश्र, प्रणति शरण, आलोक मंजरी, मनीष सिंह वंदन, पुनम महानंद, पूनम सिंह, हरभजन सिंह रहबर, बलविन्दर सिंह, डॉo अरुण कुमार शर्मा, उषा झा, शुभम पाण्डेय तथा जितेश तिवारी प्रमुख रहे ।
मौके पर बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के अभिभावक एवं शिक्षक – शिक्षिकाओं की उपस्थिति रही ।
तुलसी जयंती समारोह का महत्व और आयोजन का उद्देश्य
हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी जमशेदपुर में तुलसी जयंती समारोह का आयोजन अत्यंत भव्य और भक्तिमय वातावरण में किया गया। इस समारोह का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय सनातन संस्कृति, नैतिक मूल्यों और महान ग्रंथों से जोड़ना है। गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरितमानस और हनुमान चालीसा जैसी कृतियां न केवल धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि वे जीवन जीने की कला और उच्च नैतिक आदर्श भी सिखाती हैं।
आज के आधुनिक युग में जहां बच्चे डिजिटल उपकरणों में व्यस्त रहते हैं, वहीं इस प्रकार के आयोजन उन्हें अपनी जड़ों से जोड़ने का काम करते हैं। इस प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों में स्मरण शक्ति के विकास के साथ-साथ शुद्ध उच्चारण और भाषा शैली में भी सुधार होता है। सिंहभूम जिला हिन्दी साहित्य सम्मेलन इस दिशा में निरंतर सराहनीय प्रयास कर रहा है ताकि युवाओं को अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व हो सके।
श्री हनुमान चालीसा कंठस्थ पाठ प्रतियोगिता के मुख्य आकर्षण
इस दो दिवसीय प्रतियोगिता में जमशेदपुर और आसपास के क्षेत्रों से भारी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया। शनिवार को पहली से तीसरी कक्षा के नन्हे-मुन्नों ने अपनी तोतली और मधुर आवाज में हनुमान चालीसा का पाठ कर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं रविवार को चौथी से सातवीं कक्षा के छात्रों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। बच्चों की तैयारी इतनी पुख्ता थी कि निर्णायकों के लिए विजेताओं का चयन करना अत्यंत चुनौतीपूर्ण कार्य बन गया था।
प्रतियोगिता में शामिल सभी 502 विद्यार्थियों को उनकी प्रतिभा और प्रयास के लिए प्रोत्साहन स्वरूप प्रतिभागिता प्रमाण पत्र और विशेष उपहार प्रदान किए गए। तुलसी भवन का मानना है कि ऐसे पुरस्कार बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाते हैं और उन्हें भविष्य में और बेहतर करने के लिए प्रेरित करते हैं।
साहित्यिक एवं सामाजिक चेतना जागृत करने में तुलसी भवन की भूमिका
सिंहभूम जिला हिन्दी साहित्य सम्मेलन, जिसे लोकप्रिय रूप से तुलसी भवन कहा जाता है, जमशेदपुर में साहित्य और कला का एक प्रमुख केंद्र है। साल भर यहां विभिन्न साहित्यिक गोष्ठियां, कवि सम्मेलन और प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं। तुलसी जयंती समारोह इस संस्थान के वार्षिक कैलेंडर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस प्रकार के भव्य समारोहों के जरिए तुलसी भवन न केवल हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार में योगदान दे रहा है, बल्कि समाज में सकारात्मक सांस्कृतिक बदलाव भी ला रहा है।
अभिभावकों ने भी इस पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की। कई शिक्षकों का मानना है कि स्कूल के पाठ्यक्रम के साथ-साथ इस तरह की सह-पाठ्यचर्या गतिविधियां बच्चों के समग्र व्यक्तित्व विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। इस सफल आयोजन ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि यदि सही मंच और मार्गदर्शन मिले, तो आज की पीढ़ी भी अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को अपनाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
कार्यक्रम के आयोजन मंडल और गणमान्य अतिथियों का योगदान
इस सफल आयोजन के पीछे तुलसी भवन के संपूर्ण न्यास बोर्ड, कार्यकारिणी समिति और स्वयंसेवकों की महीनों की कड़ी मेहनत रही है। कार्यक्रम के दौरान दीप प्रज्वलन से लेकर समापन तक, प्रत्येक चरण का आयोजन बेहद सुव्यवस्थित तरीके से किया गया। न्यासी मुरलीधर केडिया, मानद महासचिव डाॅ प्रसेनजित तिवारी, और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रत्येक बच्चे और उनके अभिभावकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
निर्णायक मंडल के सभी सम्मानित सदस्यों ने निष्पक्ष और गहन मूल्यांकन के साथ परिणामों को अंतिम रूप दिया। इस पूरे आयोजन में जमशेदपुर के विभिन्न प्रतिष्ठित विद्यालयों के प्राचार्यों और शिक्षकों ने भी बढ़-चढ़कर सहयोग किया, जिसके बिना इस स्तर की प्रतियोगिता का सफल होना संभव नहीं था। तुलसी भवन ने भविष्य में भी इस प्रकार के ज्ञानवर्धक और संस्कारयुक्त कार्यक्रमों को और अधिक व्यापक स्तर पर आयोजित करने का संकल्प लिया है।

