राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर।मुख्यमंत्री ग्राम सड़क सुदृढ़ीकरण योजना के तहत दिगड़ी मोड़ से बंकाई तक बनने वाली सड़क के निर्माण कार्य की धीमी प्रगति और गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लगभग 11 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस सड़क के निर्माण में घटिया सामग्री के उपयोग का आरोप लगाया गया है।
बताया गया कि इस सड़क का शिलान्यास 8 सितंबर 2024 को पूर्व मंत्री स्व. रामदास सोरेन और जमशेदपुर सांसद विद्युत वरण महतो के करकमलों से किया गया था। इसके बावजूद करीब 18 महीने बीत जाने के बाद भी सड़क निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है, जिससे आसपास के ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इस मामले को लेकर 20 सूत्री के जिला सदस्य टिकिमुखी ने पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता को पत्र लिखकर सड़क निर्माण की जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में ठेकेदार द्वारा घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे आशंका है कि सड़क एक ही बरसात में क्षतिग्रस्त हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही जिला उपायुक्त से जांच टीम गठित कर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की जाएगी।
ग्रामीणों का कहना है कि कई आंदोलनों के बाद इस सड़क का शिलान्यास हुआ था, लेकिन ठेका कंपनी साईं कंस्ट्रक्शन की लापरवाही के कारण अब तक काम पूरा नहीं हो पाया है। सड़क की हालत जर्जर होने के कारण लगभग दर्जनों गांवों का शहर से संपर्क प्रभावित हो रहा है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी खराब हो जाती है, जिससे लोगों को आवागमन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि सड़क मार्ग में कई जगह पुलिया जर्जर और टूटी हुई हैं, जिसकी मरम्मत की मांग लंबे समय से की जा रही है। सड़क खराब होने के कारण कई लोग गिरकर घायल भी हो चुके हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि स्वर्गीय मंत्री रामदास सोरेन का इस सड़क के निर्माण का सपना अभी तक अधूरा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता में सुधार कर काम पूरा नहीं किया गया तो ग्रामीणों द्वारा बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा और ठेका कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी।

