Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » राज्य में उत्पाद एवं मद्य निषेध द्वारा सालाना 50 करोड़ के नुकसान का मसौदा तैयार: भाजपा
    Breaking News Headlines झारखंड राजनीति

    राज्य में उत्पाद एवं मद्य निषेध द्वारा सालाना 50 करोड़ के नुकसान का मसौदा तैयार: भाजपा

    Devanand SinghBy Devanand SinghAugust 19, 2021No Comments4 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    राज्य में उत्पाद एवं मद्य निषेध द्वारा सालाना 50 करोड़ के नुकसान का मसौदा तैयार: भाजपा

    ■ भाजपा प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता कर राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा किया।

    श्री षाड़ंगी ने कहा कि राज्य उत्पाद विभाग उर्फ़ सिंडिकेट उर्फ़ तिवारी बंधुओं का अब एक ही नारा है, हुई महँगी बहुत शराब, थोड़ी-थोड़ी पिया करो। कहा कि राज्य में लगभग दो हजार करोड़ का मदिरा का थोक व्यवसाय चुने हुए निजी व्यवसाय को सौंपने एवं पूरे मामले में हुए जालसाजी और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग भारतीय जनता पार्टी करती है। ओडिशा,बंगाल, राजस्थान समेत कई राज्यों ने स्टेट बेवेरेज कारपोरेशन बनाया है। उसी तर्ज पर बने झारखण्ड स्टेट बेवेरेज लिमिटेड को आज निरर्थक बनाकर यहाँ कार्टल, भ्रष्टाचार एवं सिंडिकेट को स्थापित किया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने झारखण्ड मदिरा के भण्डारण एवं थोक बिक्री नियमावली 2021 पेश किया है। लाइसेंसों के निपटान हेतु 11 जून को निकाले विज्ञापन में प्रत्येक जिले के लिए अलग-अलग नामों के माध्यम से एक आवेदन किया गया। सिंडिकेट द्वारा दायर 24 आवेदनों के अलावा 9 अन्य आवेदन भी किये गये, जो 25 लाख रूपये की भारी आवेदन राशि के नुकसान का जोखिम उठा सकते थे।

    कुणाल ने कहा कि विभाग द्वारा की गयी अंतिम प्रक्रिया यह साबित करती है कि सिंडीकेट के सदस्यों के लाइसेंस बेहद जल्दबाजी में जारी किये गए हैं एवं अन्य सभी आवेदनों को ख़ारिज कर दिया गया है। जिसके परिणामस्वरुप थोक व्यापार का पूरा कारोबार राज्य के नियंत्रण से गंभीर राजस्व नुक्सान की कीमत पर मुठ्ठी भर व्यक्तियों को सौंप दिया गया है।

    कहा कि लाइसेंस प्राप्त सभी सफल आवेदक द्वारा दिए गये बैंक के ज्यादातर विवरण पंजाब नेशनल बैंक जामताड़ा, भारतीय स्टेट बैंक मिहिजाम, या पंजाब नेशनल बैंक दुमका के हैं। ज्यादातर सफल आवेदक गोड्डा, जामताड़ा या दुमका जिलों से हैं और उनमें से कुछ रांची और धनबाद के होने के बावजूद उनके बैंक अकाउंट जामताड़ा या दुमका के हैं।

    कुणाल ने कहा की स्पष्ट है कि आवेदक सिर्फ नाम के लिए अलग हैं लेकिन पूरा पैसा एक स्त्रोत के माध्यम से निवेश किया गया है। आवेदकों से सम्बंधित बैंकखातों के लेन-देन यह इंगित करते हैं कि एक आवेदक दूसरे से जुड़े हुए हैं और यह जानना मुश्किल है कैसे और किस स्त्रोत से वैध और प्रमाणिक या अवैध तरीके से राशियाँ जमा की गयी और त्वरित परिणाम में वापस भी ले ली गई।

    कहा कि ज्यादातर सफल लाइसेंसधारी जामताड़ा और दुमका से हैं भले ही उनका पता किसी अन्य जिले का हो। अगर इस मामले की जाँच की जाए तो पूरी प्रक्रिया सुनियोजित मानी लॉन्ड्रिंग का बेहतरीन उदाहरण है।

    कहा कि एक्साइज एक्ट 2015 के अनुसार फी निर्धारण में किसी भी बदलाव को बिना रेवेन्यू बोर्ड के सहमति के कैबिनेट में जाने की अनुमति नहीं देता है लेकिन संथाल परगना सिंडिकेट के द्वारा इन सारे नियमों को ताक में रखकर एक ऐसा नियम बनवाया गया है जिससे राज्य में कुछ चहेतों की हाथों में ही शराब का थोक व्यापार का एकाधिकार बन सके।

    राज्य में बिकने वाले हर शराब के बोतल पर 10-50 रूपये की वसूली सिंडिकेट कर रहा है जो रोजाना लगभग 75 लाख रूपये की है, जिसपर विभाग चुप है।

    विभागीय वेबसाइट पर अब भी 2018-19 का ही रेट कार्ड है और किसी भी दुकान में रेट लिस्ट नहीं लगी है। इससे स्पष्ट है कि इसे विभागीय मौन सहमति है। एक्साइज पॉलिसी किसी भी तरह के एकाधिकारकी अनुमति नहीं देती क्योंकि राजस्व हानि के साथ-साथ व्यापारी कम गुणवत्ता वाले शराब की बिक्री के लिए भी कर सकते हैं,जिससे राज्य की जनता के स्वास्थ्य के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। इन तथ्यों के आलोक में यह कहा जा सकता है कि राज्य सरकार के संलिप्तता के बिना मनी लॉन्ड्रिंग, राज्य कर की चोरी और हवाला के जरिए पैसों के लेन-देन के माध्यम से किए गये इतने बड़े घोटाले को अंजाम नहीं दिया जा सकता।

    श्री कुणाल ने कहा कि पार्टी इस पूरे विषय की जाँच स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसियों से कराने की मांग करती है.

    इसके साथ साथ झारखंड स्टेट बेवरेज कॉरपोरेशन में कार्यरत दर्जनों ऑउटसोर्सिंग कर्मियों का जल्द समायोजन होना चाहिए। कोरोनाकाल में वे बेरोज़गारी के कगार पर हैं।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleसोमनाथ सिंह ने नारायणपुर के काली पहाड़ी में क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन किया
    Next Article भाजपा महानगर महिला मोर्चा ने मनाया सावन मिलन समारोह, जया लक्ष्मी बनीं सावन क्वीन

    Related Posts

    पूर्वी सिंहभूम महिला आयाम के द्वारा महिलाओं के बीच एमआरपी नीति को लेकर जागरूकता अभियान

    June 6, 2026

    ब्रह्मर्षि विकास मंच की गोविंदपुर इकाई का गठन, विरेन्द्र मौआर बने अध्यक्ष

    June 6, 2026

    पार्वती घाट में नई सुविधाओं का शुभारंभ, पर्यावरण अनुकूल फरनेस और ‘देव आत्मा उद्यान’ शुरू

    June 6, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    अभी-अभी

    पूर्वी सिंहभूम महिला आयाम के द्वारा महिलाओं के बीच एमआरपी नीति को लेकर जागरूकता अभियान

    ब्रह्मर्षि विकास मंच की गोविंदपुर इकाई का गठन, विरेन्द्र मौआर बने अध्यक्ष

    पार्वती घाट में नई सुविधाओं का शुभारंभ, पर्यावरण अनुकूल फरनेस और ‘देव आत्मा उद्यान’ शुरू

    पार्वती घाट में नई सुविधाओं का शुभारंभ, पर्यावरण अनुकूल फरनेस और ‘देव आत्मा उद्यान’ शुरू राष्ट्र संवाद संवाददाता जमशेदपुर: पार्वती घाट समिति ने 6 जून से नागरिकों के लिए कई नई सुविधाओं की शुरुआत की है। पर्यावरण संरक्षण और अंतिम संस्कार व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से घाट परिसर में आधुनिक लकड़ी आधारित फरनेस, ‘देव आत्मा उद्यान’ तथा ‘पवित्र निकेतन’ के नवीनीकरण कार्य का शुभारंभ किया गया। समिति द्वारा स्थापित नया फरनेस कम लकड़ी की खपत के साथ कम समय में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करता है तथा चिमनी व्यवस्था के कारण प्रदूषण भी कम करता है। इसके लिए श्री कृष्ण मुरारी गुप्ता ने 11 लाख रुपये का योगदान दिया है। नवजात और पांच वर्ष तक के बच्चों के अंतिम संस्कार हेतु विकसित ‘देव आत्मा उद्यान’ में छह सीमांकित क्षेत्र बनाए गए हैं। इस परियोजना में कई समाजसेवियों और दानदाताओं ने पांच-पांच लाख रुपये का सहयोग दिया है। इसके अलावा, शौचालय एवं स्नान क्षेत्र ‘पवित्र निकेतन’ के नवीनीकरण के लिए श्री निर्मल भाई पांड्या ने पांच लाख रुपये का योगदान दिया है। समिति ने कहा कि समाज के सहयोग से पार्वती घाट में अंतिम संस्कार संबंधी सुविधाओं को अधिक स्वच्छ, व्यवस्थित और मानवीय बनाया जा रहा है तथा सभी दानदाताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।

    करंट ने छीन ली कलम की आवाज: दैनिक भास्कर के पत्रकार मृत्युंजय सिंह का निधन, पत्रकार जगत में शोक

    अनिल कुमार ठाकुर को भाजपा का टिकट, जमशेदपुर नाई संघ ने जताया आभार

    पूर्वी सिंहभूम के आमों की विदेश तक पहुंच, किसानों को मिलेगा बेहतर बाजार और दाम

    राज्यसभा उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह से मिले अमरप्रीत सिंह काले, लिया मार्गदर्शन

    शिक्षा व्यवस्था पर उपायुक्त सख्त: CWSN बच्चों के शत-प्रतिशत नामांकन, औचक निरीक्षण और पौधरोपण अभियान पर दिया जोर

    आर.डी. टाटा टेक्निकल एजुकेशन सेंटर एवं टाटा स्टील फाउंडेशन के साथ मिलकर कैंपस

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.