त्योहारी सीजन से पहले मिलावटी बेसन का खेल, खाद्य सुरक्षा विभाग ने शुरू की सैंपलिंग
चना बेसन में सस्ता पदार्थ मिलाने की शिकायतें; होटल, ठेले और मिठाई दुकानों पर भी निगरानी बढ़ेगी
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा/जमशेदपुर। त्योहारी सीजन से पहले जिले में बेसन में मिलावट की शिकायतों ने खाद्य सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। शिकायतों के अनुसार कुछ मिलों में चना दाल के स्थान पर चावल, खेसारी दाल और अन्य मिलावटी पदार्थों का इस्तेमाल कर बेसन तैयार किए जाने की बात सामने आई है। ऐसे उत्पादों की बिक्री कम कीमत पर होने और होटल, ठेले, पकौड़ी-समोसा तथा मिठाई दुकानों में इस्तेमाल किए जाने की शिकायत है।
मिलावट के लिए औद्योगिक रंगों के इस्तेमाल के आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि इन पदार्थों की वास्तविक मौजूदगी और मात्रा की पुष्टि प्रयोगशाला जांच के बाद ही हो सकेगी। विभाग का कहना है कि सस्ते दाम पर बेसन की बिक्री मिलावट का संकेत हो सकती है, इसलिए नमूने लेकर जांच की जाएगी।
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजहंस कुमार के अनुसार, शिकायतों को देखते हुए जिले के बेसन मिलों, किराना दुकानों और होटलों में विशेष सैंपलिंग अभियान चलाया जाएगा। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने उपभोक्ताओं से पैकेट बंद बेसन खरीदते समय FSSAI लाइसेंस नंबर, निर्माण तिथि और लेबल की जांच करने तथा संदिग्ध मिलावट की सूचना खाद्य सुरक्षा विभाग को देने की अपील की है। विशेष रूप से दुर्गापूजा, दीपावली, छठ और शादी-विवाह के मौसम को देखते हुए निगरानी बढ़ाई जा रही है।

