जादूगोड़ा में साइबर अपराधियों का कहर, 9999 के लेनदेन पर वारंगल पुलिस का नोटिस
ईचड़ा के सागर कर्मकार को गुजरात से नोटिस, 3 करोड़ की ठगी मामले में राज भगत को दिल्ली पुलिस ले गई
राष्ट्र संवाद जादूगोड़ा
*जादूगोड़ा।* साइबर अपराध का एक धागा तेलंगाना के वारंगल से जुड़ते हुए पूर्वी सिंहभूम के जादूगोड़ा तक पहुंच गया है, तो दूसरा धागा गुजरात और दिल्ली तक जा रहा है। महज 9999 रुपए के एक संदिग्ध लेनदेन ने जादूगोड़ा क्षेत्र में साइबर अपराध के बड़े नेटवर्क की परतें खोल दी हैं।
घाटशिला अनुमंडल के आसनबनी पंचायत के युवक *रोहित महाकुड* का बैंक खाता जांच के घेरे में आ गया है, तो ईचड़ा गांव का *सागर कर्मकार* पहले से ही गुजरात पुलिस के रडार पर है।
*वारंगल पुलिस का नोटिस पहुंचा घाटशिला*
वारंगल पुलिस कमिश्नरेट के *एलकातुर्थी थाने* ने *BNSS की धारा 94 के तहत Address Verification Notice* जारी किया है। थाने में दर्ज केस *Cr.No. 95/2025 धारा 318(4) BNS और 66-D IT Act, NCRP शिकायत 10-05-2025* की जांच के दौरान बैंक ऑफ बड़ौदा, जादूगोड़ा ब्रांच के एक खाते में 9,999 रुपए जमा होने की बात सामने आई है। यह खाता आसनबनी के रोहित महाकुड का बताया जा रहा है।
नोटिस में साफ लिखा है – _”संदिग्ध खाताधारक का सत्यापन करें कि वह दिए गए पते पर रह रहा है या नहीं। अगर नहीं रह रहा है तो उसका वर्तमान पता, फोन नंबर और पारिवारिक विवरण उपलब्ध कराएं।”_ यह नोटिस सर्किल इंस्पेक्टर, एलकातुर्थी PS, वारंगल द्वारा 04-03-2026 को http://S.No-387 के तहत जारी किया गया है।
*सागर कर्मकार पर गुजरात पुलिस की नजर*
सूत्रों के अनुसार यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले जादूगोड़ा के *ईचड़ा निवासी सागर कर्मकार* को भी साइबर ठगी के मामले में *गुजरात पुलिस द्वारा नोटिस* जारी किया गया था। उस पर भी म्यूल अकाउंट के जरिए ठगी की रकम मंगवाने का आरोप है।
*3 करोड़ के साइबर फ्रॉड में राज भगत गिरफ्तार*
इसी कड़ी में सबसे बड़ा खुलासा *राज भगत* के मामले में हुआ है। लगभग *3 करोड़ रुपए के साइबर अपराध* के मामले में *दिल्ली पुलिस* ने राज भगत को गिरफ्तार कर दिल्ली ले गई है। बताया जा रहा है कि राज भगत का नेटवर्क कई राज्यों में फैला था।
*अचानक बढ़ी धन-संपत्ति से क्षेत्र में चर्चा*
जादूगोड़ा, आसनबनी, ईचड़ा क्षेत्र में पिछले कुछ महीनों में कुछ युवाओं की अचानक बढ़ी धन-संपत्ति चर्चा का विषय बनी हुई है। बिना किसी बड़े रोजगार के महंगी बाइक, महंगे मोबाइल और नकदी का लेनदेन देखकर ग्रामीण भी हैरान हैं। अब पुलिस की कार्रवाई के बाद यह साफ हो रहा है कि यह पैसा साइबर ठगी का हो सकता है।
*क्या है म्यूल अकाउंट का जाल?*
साइबर एक्सपर्ट्स के अनुसार यही म्यूल अकाउंट का खेल है। ठग गांव-कस्बे के बेरोजगार युवाओं को 500 से 1000 रुपए कमीशन का लालच देकर कहते हैं – _”मेरे पैसे तुम्हारे खाते में आएंगे, तुम निकाल कर दे देना।”_ युवा लालच में आ जाते हैं और फिर बड़े ठगी केस में संदिग्ध बन जाते हैं। 10 हजार से कम राशि इसलिए भेजी जाती है ताकि बैंक को तुरंत शक न हो।
*पुलिस ने क्या कहा*
स्थानीय पुलिस का कहना है कि साइबर अपराध में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। लोगों से अपील है कि अपना बैंक खाता, एटीएम, ओटीपी किसी को किराए पर न दें। अगर नोटिस आया है तो अपने नजदीकी थाने में संपर्क करें और नोटिस की सत्यता `sho-elk-wrlc@tspolice.gov.in` या 8712685013 पर जांच लें।

