Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » ध्यान करने से मनुष्य का आत्मविश्वास बढ़ता है एवं जो डिप्रेशन के शिकार लोग हैं उनके लिए यह बहुत बड़ी चिकित्सा है
    Breaking News झारखंड

    ध्यान करने से मनुष्य का आत्मविश्वास बढ़ता है एवं जो डिप्रेशन के शिकार लोग हैं उनके लिए यह बहुत बड़ी चिकित्सा है

    Nizam KhanBy Nizam KhanDecember 16, 2021No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    *बुद्धिमान मनुष्य शैशव काल से ही ध्यान करें तो ज्यादा अच्छा है*

    *ध्यान करने से मनुष्य का आत्मविश्वास बढ़ता है एवं जो डिप्रेशन के शिकार लोग हैं उनके लिए यह बहुत बड़ी चिकित्सा है*

    जमशेदपुर :
    16 दिसंबर 2021
    जमशेदपुर एवं उसके आसपास के जितने भी आनंद मार्ग द्वारा संचालित स्कूल है उनके शिक्षक
    पांच दिवसीय शिक्षा प्रशिक्षण शिविर में भाग ले रहे हैं
    वैश्विक महामारी कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए निकटवर्ती आनंद नगर में
    आनंद मार्ग के शिक्षा त्राण व कल्याण विभाग द्वारा पांच दिवसीय शिक्षण प्रशिक्षण शिविर की शुरुआत आनंद मार्ग के मुख्यालय निकटवर्ती आनंद नगर में हुई, आज 16 दिसंबर प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन आचार्य स्वरूपानंद अवधूत ने योग करवाया योग के विषय पर प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि बुद्धिमान मनुष्य शैशव कालसे ही ध्यान करें तो ज्यादा अच्छा है क्योंकि मनुष्य का शरीर दुर्लभ है उससे भी अधिक दुर्लभ है वह जीवन साधना करने के द्वारा सार्थक हुआ है हर कर्म उचित समय परकरना चाहिए उदाहरण देते हुए उन्होंनेकहा किे असार महीने में धान की रोपनीहोनी चाहिए और अगहन मैं कटनी कोईअगर अगहन में रो पनी करे तो मुश्किल होजाएगा काम नहीं होगा ठीक वैसे ही कोईमनुष्य अगर सोचे कि बुढ़ापे में ध्यान करेंसाधना करेंगे या बहुत ही बड़ी भूल होगी बुढ़ापा हर मनुष्य के जीवन में नहीं आएगायह भी हो सकता है कि कल का सूर्योदयहर जीवन में ना हो इसलिए कोई भी कामकल के लिए नहीं छोड़ना चाहिए जो कुछभी अच्छा काम करने की इच्छा होती हैतुरंत कर लेना चाहिए मनुष्य में थोड़ा बहुतज्ञान थोड़ी बहुत बुद्धि का उदय होता हैचार पांच साल की उम्र में ही सही साधनामार्ग में आ जाना चाहिए ध्यान के विषय में बताते हुए उन्होंने कहा कि ध्यान करने सेमनुष्य का आत्मविश्वास बढ़ता है एवं जो डिप्रेशन के शिकार लोग हैं उनके लिए यह बहुत बड़ी चिकित्सा है

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleबेहतर जीवन के लिए माइग्रेट करना स्वाभाविक प्रक्रिया: हेमन्त सोरेन
    Next Article प्राकृतिक खेती पर शिविर का आयोजन

    Related Posts

    बीएलओ की लापरवाही पर प्रशासन सख्त, रेणुका महतो और रीता देवी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा

    June 6, 2026

    चक्रधरपुर रेल मंडल आरपीएफ थाना प्रभारी कमलेश समादार रिश्वतखोरी मामले में गिरफ्तार, सीबीआई की बड़ी कार्रवाई से आरपीएफ में मचा हड़कंप

    June 6, 2026

    डोमजूरी पंचायत की मुखिया ने नरवा के पर्सनल मैनेजर को सौंपा ज्ञापन, नरवा पुलिया के दोनों साइड जाली लगाने की मांग

    June 6, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    बीएलओ की लापरवाही पर प्रशासन सख्त, रेणुका महतो और रीता देवी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा

    चक्रधरपुर रेल मंडल आरपीएफ थाना प्रभारी कमलेश समादार रिश्वतखोरी मामले में गिरफ्तार, सीबीआई की बड़ी कार्रवाई से आरपीएफ में मचा हड़कंप

    डोमजूरी पंचायत की मुखिया ने नरवा के पर्सनल मैनेजर को सौंपा ज्ञापन, नरवा पुलिया के दोनों साइड जाली लगाने की मांग

    बोलानी थाना क्षेत्र मे अज्ञात वाहन के धक्के से मोटसाइकिल सवार युवक की मौत

    रुंगटा स्टील हादसे में झुलसे मजदूर ने तोड़ा दम, 15 लाख मुआवजे पर बनी सहमति, परिजनों ने लिया शव

    पूर्वी सिंहभूम महिला आयाम के द्वारा महिलाओं के बीच एमआरपी नीति को लेकर जागरूकता अभियान

    ब्रह्मर्षि विकास मंच की गोविंदपुर इकाई का गठन, विरेन्द्र मौआर बने अध्यक्ष

    पार्वती घाट में नई सुविधाओं का शुभारंभ, पर्यावरण अनुकूल फरनेस और ‘देव आत्मा उद्यान’ शुरू

    पार्वती घाट में नई सुविधाओं का शुभारंभ, पर्यावरण अनुकूल फरनेस और ‘देव आत्मा उद्यान’ शुरू राष्ट्र संवाद संवाददाता जमशेदपुर: पार्वती घाट समिति ने 6 जून से नागरिकों के लिए कई नई सुविधाओं की शुरुआत की है। पर्यावरण संरक्षण और अंतिम संस्कार व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से घाट परिसर में आधुनिक लकड़ी आधारित फरनेस, ‘देव आत्मा उद्यान’ तथा ‘पवित्र निकेतन’ के नवीनीकरण कार्य का शुभारंभ किया गया। समिति द्वारा स्थापित नया फरनेस कम लकड़ी की खपत के साथ कम समय में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करता है तथा चिमनी व्यवस्था के कारण प्रदूषण भी कम करता है। इसके लिए श्री कृष्ण मुरारी गुप्ता ने 11 लाख रुपये का योगदान दिया है। नवजात और पांच वर्ष तक के बच्चों के अंतिम संस्कार हेतु विकसित ‘देव आत्मा उद्यान’ में छह सीमांकित क्षेत्र बनाए गए हैं। इस परियोजना में कई समाजसेवियों और दानदाताओं ने पांच-पांच लाख रुपये का सहयोग दिया है। इसके अलावा, शौचालय एवं स्नान क्षेत्र ‘पवित्र निकेतन’ के नवीनीकरण के लिए श्री निर्मल भाई पांड्या ने पांच लाख रुपये का योगदान दिया है। समिति ने कहा कि समाज के सहयोग से पार्वती घाट में अंतिम संस्कार संबंधी सुविधाओं को अधिक स्वच्छ, व्यवस्थित और मानवीय बनाया जा रहा है तथा सभी दानदाताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।

    करंट ने छीन ली कलम की आवाज: दैनिक भास्कर के पत्रकार मृत्युंजय सिंह का निधन, पत्रकार जगत में शोक

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.