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    Home » मगही महोत्सव 2025: भाषा-संस्कृति के उत्थान का ऐतिहासिक आयोजन -मगही रत्न राम रतन प्रसाद सिंह ‘रत्नाकर’
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    मगही महोत्सव 2025: भाषा-संस्कृति के उत्थान का ऐतिहासिक आयोजन -मगही रत्न राम रतन प्रसाद सिंह ‘रत्नाकर’

    Devanand SinghBy Devanand SinghFebruary 27, 2025No Comments3 Mins Read
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    मगही महोत्सव 2025: भाषा-संस्कृति के उत्थान का ऐतिहासिक आयोजन -मगही रत्न राम रतन प्रसाद सिंह ‘रत्नाकर’
    बिहार सरकार एवं नवादा जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयास से “मगही साहित्य सम्मेलन – सह भाषाई कार्यशाला एवं मगही महोत्सव” का भव्य आयोजन 01 मार्च २०२५ हरिश्चंद्र स्टेडियम, नवादा में किया जा रहा है। यह आयोजन मगही भाषा, साहित्य, लोकसंस्कृति एवं परंपरा को सहेजने तथा नई पीढ़ी को इससे जोड़ने के उद्देश्य से किया गया है।

     

    मगध की पावन भूमि पर आयोजित इस ऐतिहासिक महोत्सव में मगही साहित्य, लोककला, संगीत एवं संस्कृति को समर्पित विभिन्न सत्रों का आयोजन होगा। इसमें बिहार प्रदेश के प्रसिद्ध साहित्यकार, कवि, शोधकर्ता, कलाकार एवं मगही प्रेमी भाग लेंगे।
    बिहार सरकार एवं नवादा जिला प्रशासन की सराहनीय पहल के लिए भूरी भूरी प्रशंसा मगह क्षेत्र में हो रही है ।

     

    बिहार सरकार एवं नवादा जिला प्रशासन द्वारा मगही भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु यह ऐतिहासिक पहल की गई है और मगध क्षेत्र के नामचीन साहित्यारों को आमंत्रित किया गया है ।
    अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष श्री लालमणि विक्रांत और गीतकार ( डा ) शिवेंद्र नारायण सिंह जी ने कहा क़ि मगही भाषा-साहित्य को बढ़ावा देने के लिए शोध एवं प्रकाशन को प्रोत्साहित मगही को विद्यालयों एवं अकादमिक स्तर पर सुदृढ़ करने की योजना ,लोककला, लोकसंस्कृति एवं पारंपरिक मगही गीत-संगीत को संजोने का प्रयास , मगही भाषा को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बढ़ावा देने हेतु विशेष अभियान शुरू किए जाने क़ि आवश्कयता हैं। इस आयोजन के लिए विश्व मगही परिषद की ओर से बधाई एवं शुभकामनाएँ दी गई हैं। मगही रत्न राम रतन प्रसाद सिंह ‘रत्नाकर’ ने कहा कि यह आयोजन मगही भाषा और संस्कृति के संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। वहीं,,अंतरराष्ट्रीय महासचिव, प्रोफेसर डॉ. नागेंद्र नारायण (संस्थापक, विश्व मगही परिषद ,नई दिल्ली) ने कहा—”मगही भाषा हमारी अस्मिता की पहचान है। यह महोत्सव हमारी जड़ों से जोड़ने वाला, संस्कृति को जीवंत करने वाला एक बड़ा आयोजन है। हम सभी का यह कर्तव्य है कि अपनी भाषा और संस्कृति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएं।”

     

    विश्व मगही परिषद एवं आयोजन समिति समस्त मगही प्रेमियों, साहित्यकारों, कलाकारों एवं शोधार्थियों से इस महोत्सव में सादर आमंत्रण देती है। आइए, मिलकर अपनी भाषा और संस्कृति के इस महापर्व को ऐतिहासिक बनाएं।
    विश्व मगही परिषद एवं साहित्यकारों की ओर से शुभकामनाएँ देने वालों में डॉ रामचनद्र सिंह , ललित किशोर शर्मा , नीता सिंह पुतुल , गीतकार राजकुमार, लखीसराय से डॉ. राजेंद्र राज ,नालंदा से श्री जयराम देवसपुरी, डॉ विजय कुमार सिंह ,मगही रत्न जयप्रकाश सिंह ,निशा कुमारी, खुशबू कुमारी ,शेखपुरा से जयनंदन सिंह , डॉ किरण कुमारी शर्मा , ममता कुमारी , वंदना कुमारी ,रागिनी कुमारी ,चुनचुन पांडेय ,गया से पूनम कुमारी , ,पटना से डॉ दिलीप कुमार, पूजा ऋतुराज , प्रभात वर्मा , हिमांशु शेखर , नरेंद्र प्रसाद सिंह , चीन से डॉ राजीव रंजन और नई दिल्ली से समाजसेवी श्रीमती रंजना कुमारी सहित अन्य राज्यों से भी मगही प्रेमी शामिल हुए।

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