राष्ट्र संवाद संवाददाता
मुसाबनी प्रखंड के मुर्गाघुद्ध पंचायत के रोआम – मौजा में एचसीएल राखा हॉस्पिटल के पास सैकड़ों पेड़ काट दिए गए। इनमें इक्विलिप्टस के साथ कई फलदार और छायादार पेड़ भी शामिल यों थे। पंचायत के मुखिया मोचीराम हंसदा ने खाता संख्या 11, प्लॉट संख्या 118 में इक्विलिप्टस पेड़ों की कटाई की अनुमति अपने लेटर पैड पर के दी थी। इसी आधार पर भूमि माफियाओं ने वन विभाग को पत्र सौंपा। अब मुखिया जांच के घेरे में हैं। कुछ दिन पहले वन विभाग कार्यालय के सामने इक्विलिप्टस के बड़े पेड़ काटे गए थे। लेकिन रातों-रात कई अन्य पेड़ भी काटकर बेच दिए गए। मामला तब सामने आया जब जिला बीस सूत्री सदस्य टिकी मुखी, प्रखंड प्रमुख रामदेव हेम्बरम, भाजपा नेता विक्रम सिंह और अन्य जनप्रतिनिधियों ने इसकी जानकारी
उपायुक्त और डीएफओ को दी। इसके बाद उपायुक्त के निर्देश पर डीएफओ ने कटाई पर रोक लगा दी। वन विभाग का कहना है कि इक्विलिप्टस पर्यावरण के लिए हानिकारक होते हैं। पंचायत प्रतिनिधि अगर लिखित में अनुमति दें तो इन्हें काटने के लिए विभाग की मंजूरी जरूरी नहीं होती। लेकिन इस मामले में इक्विलिप्टस की आड़ में कई बड़े पेड़ भी काट दिए गए। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ पेड़ों की टहनियों को जलाने की कोशिश की गई थी।
मुखिया मोचीराम हंसदा का कहना है कि
उन्होंने सिर्फ इक्विलिप्टस पेड़ों की कटाई की अनुमति दी थी। अन्य पेड़ों की कटाई की जानकारी उन्हें नहीं है। वन विभाग के सौरभकुमार ने बताया कि पेड़ों की कटाई पर वरीय अधिकारियों के निर्देश पर रोक लगा दी गई है। जांच के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी।
भाजपा नेता विक्रम सिंह ने कहा कि कुलड़िहा और राखा कॉपर के कुछ दलालों ने पेड़ काटकर गायब कर दिए। वन विभाग को जानकारी दी गई है। जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो धरना देंगे। आसपास के ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग की मिलीभगत से लगातार पेड़ काटे जा रहे हैं। वन विभाग के ऑफिस के सामने भी पेड़ काटे जा रहे हैं, लेकिन विभाग अनजान बना हुआ है। ग्रामीणों ने दोषी अधिकारियों और आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की है। झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेताओं के द्वारा भी यहां विरोध जताया गया बिना ग्राम सभा के ही यहां पर प्लाटिंग किया जा रहा था ।

