कड़वा सच:- चुनावी मौसम में याद आए दिनकर, पर उनके आदर्शों से दूर राजनीति ब्रह्मर्षि समाज की चुप्पी भी विचारणीय…
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समर्पण शुचिता का उत्कर्ष है छठ —————————— सूर्य की अनुकंपा से ये सृष्टि है, है धूप – प्रकाश और वृष्टि…
शशि भूषण दूबे कंचनीय/रोमेश रंजन रोशन मिर्जापुर 18 सितंबर। मिर्जापुर जिले में विंध्याचल कोतवाली के गंगा की तट पर बसे…
आनंद सिंह की तीन चार लाईना राष्ट्र संवाद संवाददाता फकत रुठने और मनाने में, खर्च होती जा रही है जिंदगी।…
धरती की पुकार: “हरित पुनर्जन्म” मैं धरती हूँ… तुम्हारी जननी। अब भी घूम रही हूँ, पर मेरी धड़कनें थकी-थकी सी…
वो साँवली सी लड़की वह जो सांवली सी लड़की है, कयामतखेज आँखोंवाली उसकी आँखों में सिर्फ आकर्षण नहीं, एक दर्द…
जरुरी है शिक्षक – छात्र के बीच मज़बूत भावनात्मक सम्बन्ध इसमें कोई संदेह नहीं कि शिक्षा की प्रक्रिया में शिक्षक…
कविता मेरे होंठों की जलकर खत्म होती मटमैली रंग जो बोलती है , वह बात झूठ नहीं । तुम ही…
तुम स्वयं अपना निर्माण करो अपनी प्रतिध्वनि को सुनकर तुम, अंतर् शक्ति का ध्यान धरो, अपने पथ का सम्मान करो…
दिनकर परिषद की स्वर्ण जयंती सह दिनकर जयंती समारोह संपन्न कवि बुद्धिनाथ मिश्र रहे मुख्य अतिथि राष्ट्र संवाद संवाददाता जमशेदपुर:बिहार…
