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सावन की धूम: तीज महोत्सव में झूमा जादूगोड़ा, संस्कृति और उल्लास का संगम
राष्ट्र संवाद जादूगोड़ा संवाददाता
*जादूगोड़ा*। सावन का महीना आते ही जादूगोड़ा की फिजा तीज के रंग में रंग गई। मारवाड़ी महिला समिति जादूगोड़ा के तत्वावधान में शनिवार को श्री अग्रसेन भवन, माटीगोड़ा में भव्य तीज महोत्सव मेला आयोजित किया गया। पारंपरिकता, संस्कार और उत्सव का ऐसा संगम दिखा कि पूरा भवन झूम उठा।
*दीप प्रज्वलन से हुआ शुभारंभ, गूंजे तीज के गीत*
मेले का शुभारंभ समिति की वरिष्ठ सदस्यों सरिता लोधा, ज्योति अग्रवाल, सुनीता गुप्ता एवं त्रिवेणी देवी ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद ढोलक-मंजीरे की थाप पर महिलाओं ने एक से बढ़कर एक तीज गीत प्रस्तुत किए। वातावरण भक्तिमय हो गया और हर ओर सावन की उमंग दिखाई दी।
*खरीदारी, स्वाद और मनोरंजन का त्रिवेणी संगम*
मेले में महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष आकर्षण के केंद्र बनाए गए:
– *हस्तशिल्प स्टॉल*: चूड़ियां, बिंदी, श्रृंगार सामग्री, परिधान एवं घर सजावट की वस्तुएं
– *सावन स्पेशल व्यंजन*: घेवर, मालपुआ, लिट्टी-चोखा, कढ़ी-कचौड़ी, पकौड़े और चाट के स्टॉल पर लंबी कतारें
– *बाल मनोरंजन*: झूले, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों ने बच्चों को बांधे रखा
*महिला सशक्तिकरण का जीवंत उदाहरण*
इस अवसर पर मारवाड़ी महिला मंच की अध्यक्ष लता अग्रवाल, सचिव सिमरन अग्रवाल, कोषाध्यक्ष मेघा गुप्ता सहित रश्मि अग्रवाल, मीना अग्रवाल, कविता कांवटिया, शीतल कांवटिया, मंजू अग्रवाल, श्वेता गुप्ता, सीमा अग्रवाल, ज्योति लोधा, संतोषी लोधा, सुमन खेमका सहित सैकड़ों महिलाएं उपस्थित थीं।
अध्यक्ष लता अग्रवाल ने कहा कि _”हर वर्ष सावन में आयोजित होने वाला यह महोत्सव केवल मेला नहीं है। यह हमारी संस्कृति को सहेजने और महिलाओं को एकजुट करने का मंच है।”_
*गांव में पर्व का माहौल*
तीज महोत्सव ने जादूगोड़ा में एक बार फिर यह साबित कर दिया कि त्योहार सिर्फ पूजा नहीं, बल्कि आपसी भाईचारे और संस्कृति को जोड़ने का जरिया भी हैं। महिलाओं ने एक-दूसरे को तीज की शुभकामनाएं दीं और पारंपरिक गीतों के साथ इस पर्व को अविस्मरणीय बना दिया।

