*चाईबासा से निकली कारोबारी कहानी, देश के धनकुबेरों की सूची में रुंगटा बंधु*
*फॉर्च्यून इंडिया की टॉप-100 सूची में नंदलाल-मुकुंद रुंगटा 61वें पायदान पर, संपत्ति ₹40,951 करोड़*
मृत्युंजय बर्मन,
राष्ट्र संवाद संवाददाता, चाईबासा
पश्चिमी सिंहभूम के मुख्यालय चाईबासा से शुरू हुआ रुंगटा समूह का कारोबारी सफर अब देश के बड़े धनाढ्य कारोबारी घरानों की सूची तक पहुंच गया है। फॉर्च्यून इंडिया की 2026 की ‘टॉप 100 बिलियनेयर्स’ सूची में रुंगटा माइंस और रुंगटा संस से जुड़े नंदलाल रुंगटा और मुकुंद रुंगटा ने पहली बार जगह बनाई है। दोनों 61वें स्थान पर हैं और उनकी संयुक्त अनुमानित संपत्ति ₹40,951 करोड़ आंकी गई है। फॉर्च्यून इंडिया ने दोनों को इस वर्ष सूची में शामिल होने वाले प्रमुख नए नामों में रखा है।
रुंगटा परिवार का कारोबारी इतिहास करीब छह दशक पुराना है। वर्ष 1962 में दिवंगत एस.आर. रुंगटा ने खनन कारोबार की नींव रखी थी। शुरुआत लौह अयस्क और मैंगनीज खनन से हुई। बाद में नंदलाल और मुकुंद रुंगटा के नेतृत्व में कारोबार का विस्तार खनन से आगे बढ़कर इस्पात उत्पादन और मूल्यवर्धित उत्पादों तक हुआ। वर्तमान में समूह पेलेट, स्पंज आयरन, बिलेट, टीएमटी बार, वायर रॉड और डक्टाइल आयरन पाइप जैसे उत्पादों से भी जुड़ा है। रुंगटा माइंस का मुख्यालय चाईबासा में है, जबकि इसका पंजीकृत कार्यालय कोलकाता में है।
फॉर्च्यून इंडिया की 2026 सूची में देश के शीर्ष स्थानों पर मुकेश अंबानी, गौतम अडाणी, सावित्री जिंदल परिवार, शिव नादर परिवार, दिलीप सांघवी, राधाकिशन दमानी, कुमार मंगलम बिड़ला, सुनील मित्तल परिवार, लक्ष्मी मित्तल और नीरज बजाज परिवार जैसे कारोबारी नाम शामिल हैं।
चाईबासा के लिए रुंगटा बंधुओं का इस राष्ट्रीय सूची में पहुंचना इसलिए उल्लेखनीय है कि स्थानीय खनन कारोबार से शुरू हुआ यह व्यावसायिक सफर अब देश के बड़े औद्योगिक घरानों के बीच दर्ज हो गया है।

