लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
श्रावण मास के पावन अवसर पर बाबा बैद्यनाथ धाम में भक्तों का उत्साह चरम पर है। सावन की पहली सोमवारी से ठीक एक दिन पहले रविवार को मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में श्रद्धालुओं और कांवरियों का अपार जनसैलाब उमड़ पड़ा। गणेश चतुर्थी के शुभ संयोग ने इस आस्था के प्रवाह को और भी गति दे दी है। देश के कोने-कोने से आए शिवभक्त बाबा का जलाभिषेक करने के लिए कतारबद्ध खड़े नजर आए। प्रशासन भी इस ऐतिहासिक भीड़ को देखते हुए पूरी तरह से मुस्तैद है।
बाबा बैद्यनाथ धाम में सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम
देवघर: श्रावण मास की पहली सोमवारी से पहले रविवार को बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रद्धालुओं और कांवरियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। गणेश चतुर्थी के संयोग के कारण देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए मंदिर पहुंचे।
प्रशासन ने पहली सोमवारी पर ढाई से तीन लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई है। भीड़ को देखते हुए जलार्पण केवल बाहरी एवं भीतरी अर्घा प्रणाली के माध्यम से कराया जाएगा। सुचारु व्यवस्था बनाए रखने के लिए रविवार और सोमवार को शीघ्र दर्शनम कूपन की सुविधा भी स्थगित कर दी गई है।
मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। बड़ी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तैनात किए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से सुरक्षित दर्शन और जलार्पण कराया जा सके।
बाबा मंदिर के वरिष्ठ पुजारी लंबोदर परिहस्त ने कहा कि सावन में बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और जलाभिषेक का विशेष महत्व है तथा सच्ची श्रद्धा से पूजा करने वाले भक्तों की मनोकामनाएं भगवान भोलेनाथ अवश्य पूर्ण करते हैं। प्रशासन के अनुसार सावन की पहली सोमवारी से प्रतिदिन लाखों श्रद्धालुओं के बाबा धाम पहुंचने की संभावना है।
श्रावण मास में बाबा बैद्यनाथ धाम का आध्यात्मिक महत्व
हिंदू धर्मग्रंथों में बाबा बैद्यनाथ धाम को द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक माना गया है। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से जलाभिषेक करने पर भोलेनाथ सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। श्रावण मास में सोमवार का दिन भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है, इसलिए पहली सोमवारी पर विशेष पूजा-अर्चना का विधान है। लाखों कांवरिए पैदल यात्रा कर गंगाजल लेकर यहां पहुंचते हैं, जिसे ‘कांवर यात्रा’ कहा जाता है। इस वर्ष गणेश चतुर्थी का संयोग होने से शुभ फल में वृद्धि हुई है।
मंदिर प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन के लिए अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लिया है। ड्रोन कैमरों से निगरानी, कंट्रोल रूम से लाइव मॉनिटरिंग और मोबाइल ऐप के जरिए भीड़ की वास्तविक समय की जानकारी श्रद्धालुओं को दी जा रही है। चिकित्सा शिविर, पेयजल, शौचालय और विश्राम गृह की व्यवस्था मार्ग में जगह-जगह की गई है। वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वयं मोर्चा संभाल रखा है।
इस भव्य आयोजन के लिए जिला प्रशासन ने बाबा बैद्यनाथ धाम की आधिकारिक वेबसाइट बाबा बैद्यनाथ धाम आधिकारिक वेबसाइट पर भी दिशानिर्देश जारी किए हैं। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे कतार में रहकर शांतिपूर्वक दर्शन करें और प्रशासन का सहयोग करें। सावन माह भर चलने वाले इस मेले में प्रतिदिन लाखों भक्तों के आगमन का अनुमान है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा। हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजता देवघर आज आस्था का जीवंत केंद्र बना हुआ है।

