तिलावनी विद्यालय बना मिसाल: स्वच्छ वातावरण, 100% उपस्थिति और नवाचार से बच्चों में बढ़ा उत्साह
निजाम खान। राष्ट्र संवाद
जामताड़ा: नाला प्रखंड स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय तिलावनी आज क्षेत्र के आदर्श स्कूलों में शुमार होता जा रहा है। विद्यालय परिसर में साफ-सफाई, हरियाली और अनुशासन का ऐसा समन्वय देखने को मिला, जिसने वातावरण को खुशनुमा बना दिया। सबसे सुखद बात यह रही कि विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति 100% दर्ज की गई, जो ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों के लिए प्रेरणादायी उदाहरण है।
विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक विमल कुमार सिंह ने बताया कि प्रतिदिन लगभग 100% बच्चे विद्यालय आते हैं। नियमित अनुशासन, बेहतर सीखने के माहौल और बच्चों के प्रति समर्पित प्रयासों का ही यह परिणाम है। उन्होंने कहा कि बच्चों को विद्यालय से भावनात्मक जुड़ाव हो, इसके लिए हर दिन सकारात्मक वातावरण बनाने का प्रयास किया जाता है।
विद्यालय परिसर में देश के प्रथम उपराष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की प्रतिमा स्थापित करना भी प्रभारी शिक्षक का सराहनीय कार्य है। इससे बच्चों में शिक्षा के प्रति सम्मान और प्रेरणा बढ़ी है। इसके साथ ही परिसर में अनार, आम, अमरूद आदि के फलदार वृक्ष लगाए गए हैं, जो न केवल हरियाली बढ़ा रहे हैं बल्कि बच्चों को प्रकृति से जोड़ने का भी कार्य कर रहे हैं।
विद्यालय को फूलों की पौधों से सजाया गया है, जिससे परिसर का सौंदर्य और भी बढ़ गया है। इसके अलावा पोषण वाटिका में फूलगोभी, टमाटर, आलू, धनिया सहित कई सब्जियाँ उगाई गई हैं। यह वाटिका बच्चों को पोषण, खेती और पर्यावरण संरक्षण के बारे में सीखने का अवसर प्रदान करती है।
उत्क्रमित मध्य विद्यालय तिलावनी आज न केवल शिक्षा बल्कि स्वच्छता, हरियाली और नवाचार का भी उत्कृष्ट उदाहरण बन चुका है। शिक्षकों के प्रयास और बच्चों की उत्साहपूर्ण भागीदारी इसे क्षेत्र का मॉडल स्कूल बना रही है।

