ई-केवाईसी विवाद पर जामताड़ा में डीलर संघ की बैठक, जिला परिषद अध्यक्ष ने जताई नाराजगी
राष्ट्र संवाद सं
जामताड़ा: जिला परिषद कार्यालय सभागार में दिनांक 08 अगस्त 2025 को जिले के फेयर प्राइस डीलर एसोसिएशन की एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता जिला परिषद अध्यक्ष श्रीमती राधा रानी सोरेन ने की। बैठक में एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष मोहन प्रसाद भैया सहित जिले के विभिन्न प्रखंडों – नारायणपुर, जामताड़ा, फतेहपुर, नाला – के डीलर प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य ई-केवाईसी (e-KYC) से संबंधित समस्याओं और डीलरों के निलंबन को लेकर चर्चा करना था।
बैठक में यह खुलासा किया गया कि ई-केवाईसी तकनीकी गड़बड़ी के चलते जिले के 14 डीलरों की दुकानों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि पूरे झारखंड में केवल जामताड़ा में ही इस प्रकार की कार्रवाई हुई है। एनआईसी रांची के पोर्टल में तकनीकी त्रुटियों के कारण 1 जुलाई से अब तक ई-केवाईसी नहीं हो पा रहा है। बावजूद इसके बिना पूर्व सूचना और स्पष्ट कारण बताए डीलरों को निलंबित किया गया है।
जिला परिषद अध्यक्ष राधा रानी सोरेन ने जिला आपूर्ति विभाग पर नाराजगी जताई और कहा कि यह कार्रवाई अन्यायपूर्ण है। उन्होंने बताया कि वे इस मुद्दे पर उपायुक्त से बात करेंगी और मांग करेंगी कि निलंबित डीलरों को जल्द बहाल किया जाए। उन्होंने यह भी बताया कि निलंबित डीलरों में से अधिकतर महिला स्वयं सहायता समूह से हैं और आदिवासी समुदाय से आती हैं, जिससे यह मामला और संवेदनशील हो जाता है।
बैठक में डीलरों ने यह भी शिकायत की कि उन्हें पिछले 2 वर्षों से चना, दाल, नमक एवं एनएफएसए और ग्रीन कार्ड के तहत चावल के वितरण पर कोई कमीशन नहीं मिला है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई है। वृद्ध, विकलांग और बच्चों की ई-फेश मशीन में फिंगरप्रिंट न आने की समस्या भी प्रमुख रही।
बैठक में मोहन भैया (जिला अध्यक्ष), उपाध्यक्ष शिरोमणि यादव, मीडिया प्रभारी देव कुमार साव, जिला सचिव अनिल कुमार गुप्ता, रविंद्र नाथ मंडल और कई अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में विभाग के प्रति नाराजगी जताई और न्याय की मांग की।

