मकर संक्रांति से 18 भुज दुर्गा माता की विशेष साधना, 21 जनवरी तक चलेगा प्राण-प्रतिष्ठा अनुष्ठान
राष्ट्र संवाद संवाददाता
मकर संक्रांति के पावन अवसर पर 14 जनवरी से 18 भुज दुर्गा माता की प्रतिमा पर विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का शुभारंभ होगा। इस दिन माता का जलवास एवं पुष्पवास संपन्न किया जाएगा। जल, इत्र, सुगंधित जल एवं गंगाजल से विधिवत अभिषेक कर, अनेक प्रकार के सुगंधित पुष्पों से माता को वास कराया जाएगा।
15 जनवरी को माता का फलवास होगा, जिसमें विभिन्न प्रकार के फलों से अभिषेक कर फल अर्पित किए जाएंगे। वहीं 16 जनवरी को अन्नवास का आयोजन किया जाएगा, जिसमें हल्दी मिश्रित अन्न सहित अनेक प्रकार के अन्न से माता का विधि-विधान से वास कराया जाएगा।
17 जनवरी की प्रातः माता की प्रतिमा का पूर्ण स्नान कर उन्हें विधिवत रूप से अलंकृत एवं तैयार किया जाएगा। इसी दिन संध्या काल से प्राण-प्रतिष्ठा का पावन कार्यक्रम आरंभ होगा, जो 21 जनवरी तक चलेगा। यह संपूर्ण अनुष्ठान गुप्त नवरात्रि के दौरान निरंतर संपन्न किया जाएगा।
इस अवसर पर भक्तों में विशेष श्रद्धा और उत्साह देखने को मिलेगा।
जय माता रानी, जय सिद्धेश्वरी, जय श्मशान काली, जय बगलामुखी, जय दश महाविद्या, जय काल भैरव, जय भैरवी, जय 18 भुज दुर्गा माता।

