राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा :मुसाबनी प्रखंड के राखा कॉपर पंचायत के मुर्गा घुटू क्षेत्र में संचालित किजालिक स्टर्च प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की गतिविधियों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिला 20 सूत्री सदस्य सुखो मुर्मी (टिकी मुखी) द्वारा उपायुक्त को दिए गए शिकायत पत्र के आधार पर जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का आदेश जारी कर दिया है। शिकायतकर्ता ने 24 दिसंबर 2025 को दिए गए अपने पत्र में आरोप लगाया था कि कंपनी द्वारा राष्ट्रीय नियम-कानून, पर्यावरण मानकों, जल संसाधन एवं वन अधिनियमों का खुला उल्लंघन किया जा रहा है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि इथेनॉल उत्पादन के लिए अत्यधिक पानी का उपयोग हो रहा है, जिससे स्वर्णरेखा नदी के जलस्तर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है। साथ ही, कंपनी द्वारा नदी में अवैध रूप से पंप हाउस बनाकर पानी उठाने और पाइपलाइन बिछाने की बात भी कही गई है, जिससे स्थानीय किसानों की सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है।शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि संरक्षित वन क्षेत्र में बिना अनुमति पाइपलाइन बिछाई गई है, जो वन संरक्षण अधिनियम 1980 का उल्लंघन है। कंपनी की इन गतिविधियों से पर्यावरण असंतुलन, जल स्रोतों पर दबाव और स्थानीय लोगों की आजीविका पर खतरा उत्पन्न होने की बात कही गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त कार्यालय, पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) ने 17 मार्च 2026 को पत्र जारी कर अनुमंडल पदाधिकारी, घाटशिला को निर्देश दिया है कि शिकायत में लगाए गए सभी बिंदुओं की स्थलीय जांच कर यथाशीघ्र जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जाए। प्रशासन के इस कदम के बाद क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है और स्थानीय लोगों की नजर अब जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है।

