यूसील कॉलोनी की बदहाली पर उठे सवाल, नए सीएमडी से सुधार की उम्मीद
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा:कभी अपनी स्वच्छता और सुंदरता के लिए प्रसिद्ध यूसील कॉलोनी की स्थिति पिछले 10 वर्षों में काफी खराब हो चुकी है। कॉलोनी में डस्टबिनों पर गंदगी का अंबार, नालियों की सफाई नहीं, झाड़ियों की कटाई बंद, और फॉगिंग व्यवस्था ठप होने से डेंगू व मच्छरों का खतरा लगातार बढ़ रहा है।

दुर्गा पूजा नजदीक होने के बावजूद कॉलोनी में गंदगी का ढेर लगा है, जिससे पूजा कमेटियों और कॉलोनी वासियों में भारी नाराजगी है। ए-टाइप, बी-टाइप और टाइप वन क्वार्टरों के सामने डस्टबिन की सफाई नहीं होने से जानवरों और मच्छरों की समस्या बढ़ गई है। पिछले वर्षों में कॉलोनी में डेंगू के कई मरीज मिले हैं, जिनमें दो शिक्षकों कोकिला पाल और कृष्ण प्रसाद शर्मा की मौत भी हो चुकी है।

टेंडरधारी पर लापरवाही के आरोप
वर्तमान में कॉलोनी की सफाई का टेंडर मनोरंजन सिंह के पास है, लेकिन काम में भारी लापरवाही बरती जा रही है। वहीं, कॉलोनी की सड़कें और क्वार्टर भी जर्जर हो चुके हैं। कई जगह प्लास्टर झड़ने से कर्मी घायल हो रहे हैं।

संपदा विभाग की भूमिका पर सवाल
कॉलोनी वासियों ने यूसील संपदा विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। सिविल अधिकारी दिलीप कुमार मंडल पर आरोप है कि 20 सालों से एक ही पद पर रहते हुए भी कॉलोनी की देखरेख में भारी लापरवाही बरती गई। ठेकेदारों और अधिकारियों की मिलीभगत से करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद सफाई, मेंटेनेंस और फॉगिंग जैसी बुनियादी सुविधाएं ठप हैं।

नए सीएमडी से उम्मीदें
हाल ही में पदभार संभालने वाले यूसील के नए सीएमडी डॉ. कचम आनंद राव से कॉलोनी वासी उम्मीद कर रहे हैं कि कॉलोनी की सुंदरता बहाल होगी और संपदा विभाग में फैले भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा। लोगों की मांग है कि 20 वर्षों से जमे अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए, जैसे पूर्व सीएमडी डॉ. संतोष कुमार सतपति ने प्रभास रंजन के तबादले में की थी।

यूसील कॉलोनी वासियों का कहना है कि अब सफाई, स्वास्थ्य और सुरक्षा पर ठोस कदम उठाना प्रबंधन की सबसे बड़ी चुनौती है।

