यूसीआईएल की नियुक्ति प्रक्रिया पर आरटीआई कार्यकर्ता का सवाल, हाईकोर्ट जाने की तैयारी
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा:आरटीआई कार्यकर्ता संघ धालभूम अनुमंडल इकाई के सह सचिव सुनील मुर्मू ने यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल) की नियुक्ति प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने 7 मई 2025 को जन सूचना पदाधिकारी, यूसीआईएल जादूगोड़ा को आवेदन देकर ऑफिस ऑफ सीएमडी में पदस्थापित एडिशनल मैनेजर (एडमिन) सुरोजित कुमार दास (एम्प्लोयी नंबर 2972) से संबंधित शैक्षणिक प्रमाणपत्र, चयन प्रक्रिया के दस्तावेज, नियुक्ति आदेश, अनुभव प्रमाण पत्र और पदोन्नति नियमों की जानकारी मांगी थी।

लेकिन 6 जून 2025 को जन सूचना पदाधिकारी ने आरटीआई अधिनियम की धारा 8(1)(g) और 8(1)(j) का हवाला देते हुए सूचना देने से मना कर दिया। इसके बाद सुनील मुर्मू ने 20 जून 2025 को प्रथम अपीलीय पदाधिकारी के पास अपील दायर की, किंतु 8 अगस्त 2025 को मिले उत्तर में वही निर्णय बरकरार रखा गया। इससे असंतुष्ट होकर उन्होंने मामला केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) में भेजा है।

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट का अहम फैसला
इसी बीच, सुनील मुर्मू ने बताया कि मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में दिए एक महत्वपूर्ण आदेश में स्पष्ट किया है कि बिना ठोस कारण बताए सूचना रोकना न्यायसंगत नहीं है। कोर्ट ने कहा कि जनहित सर्वोपरि है और पारदर्शिता से समझौता नहीं किया जा सकता। यदि नियुक्ति प्रक्रिया में भ्रष्टाचार या अनियमितता की आशंका हो तो जनता को जानकारी देने से इनकार नहीं किया जा सकता।

कोर्ट ने यह भी माना कि संबंधित सूचना अधिकारी ने जानबूझकर सूचना रोककर किसी अयोग्य व्यक्ति को बचाने की कोशिश की। परिणामस्वरूप, उस अधिकारी पर ₹25,000 का जुर्माना लगाया गया और आदेश दिया गया कि सभी मांगी गई सूचनाएं 15 दिनों के भीतर निशुल्क उपलब्ध कराई जाएं। सुनील मुर्मू ने कहा कि यदि केंद्रीय सूचना आयोग से भी उन्हें न्याय नहीं मिलता, तो वे झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगे।


