बगावत की कीमत चुकानी पड़ी: कांग्रेस की बागी नेत्री जेबा खान निलंबित
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर : मानगो नगर निगम के मेयर पद के चुनाव को लेकर कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई है। पार्टी की आधिकारिक लाइन से अलग होकर चुनाव मैदान में उतरीं कांग्रेस की बागी नेत्री जेबा खान पर झारखंड कांग्रेस नेतृत्व ने कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई झारखंड कांग्रेस प्रभारी बलजीत सिंह बेदी के निर्देश पर की गई, जिसके बाद स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

जानकारी के अनुसार, मानगो नगर निगम चुनाव में पार्टी द्वारा अधिकृत प्रत्याशी सुधा गुप्ता को घोषित किए जाने के बावजूद जेबा खान ने बगावती रुख अपनाते हुए मेयर पद के लिए नामांकन दाखिल किया और चुनाव प्रचार भी शुरू कर दिया था। इसे पार्टी अनुशासन का उल्लंघन मानते हुए प्रदेश नेतृत्व ने उनसे स्पष्टीकरण मांगा था। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संगठन ने सख्त कदम उठाते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि पार्टी चुनाव में अनुशासन और एकजुटता बनाए रखना चाहती है, इसलिए किसी भी तरह की गुटबाजी या बगावत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं, जेबा खान के निलंबन के बाद मानगो की राजनीतिक सरगर्मियां और तेज हो गई हैं। स्थानीय स्तर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भी इस फैसले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं—कुछ लोग इसे संगठनात्मक मजबूती के लिए जरूरी कदम बता रहे हैं, तो कुछ इसे चुनावी रणनीति पर असर डालने वाला निर्णय मान रहे हैं।
उधर, जेबा खान समर्थकों का कहना है कि वे जनता के मुद्दों को लेकर चुनाव मैदान में उतरी हैं और अंतिम फैसला जनता ही करेगी। अब देखना यह होगा कि इस निलंबन का मानगो नगर निगम चुनाव की सियासी समीकरणों पर क्या असर पड़ता है और आने वाले दिनों में कांग्रेस की रणनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है।

