लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
मुंबई/इंद्र यादव/ ठाणे शहर से एक बेहद हृदयविदारक और स्तब्ध कर देने वाली खबर सामने आई है। ठाणे के व्यस्त इलाके गावदेवी मार्केट में लगी भीषण आग ने न सिर्फ व्यापारिक संपत्ति को खाक किया, बल्कि जनता की जान बचाने वाले दो जांबाज हीरों को भी हमसे हमेशा के लिए छीन लिया। इस भयानक अग्निकांड में आग पर काबू पाने और लोगों को सुरक्षित निकालने के दौरान अग्निशमन दल के जवान और ठाणे महानगरपालिका के आपदा प्रबंधन विभाग के कर्मचारी की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में आपदा प्रबंधन विभाग के स्थानक अधिकारी सागर शिंदे सर शामिल हैं, जिन्होंने कर्तव्य की वेदी पर अपनी जान न्योछावर कर दी। इस दुखद घटना के बाद से पूरे ठाणे शहर में शोक की लहर दौड़ गई है।
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा
मिली जानकारी के अनुसार, गावदेवी मार्केट की एक इमारत में अचानक भीषण आग लग गई। मार्केट का इलाका बेहद संकरा और भीड़भाड़ वाला होने के कारण आग तेजी से फैली। खबर मिलते ही ठाणे महानगरपालिका का आपदा प्रबंधन दल और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। वहां फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और आग पर काबू पाने के लिए सागर शिंदे और उनके साथी जान की परवाह किए बिना सीधे खतरे के बीच कूद पड़े। लेकिन रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान अचानक हालात बिगड़े और दम घुटने या मलबे की चपेट में आने के कारण इन जांबाज अधिकारियों की मौत हो गई।
वीर जवानों को दी जा रही भावपूर्ण श्रद्धांजलि
इस घटना ने ठाणे प्रशासन सहित आम जनता को झकझोर कर रख दिया है। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक और सामाजिक हल्कों में इन शहीदों को नम आंखों से श्रद्धांजलि दी जा रही है। “कर्तव्य की आहुति देकर अमर हुए वीर… आपका बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा।” स्थानक अधिकारी सागर शिंदे सर की तस्वीर के साथ लोग लिख रहे हैं कि उनका शौर्य, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणादायी रहेगी।
प्रशासन पर उठे सवाल, सुरक्षा ऑडिट की मांग
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर ठाणे के भीड़भाड़ वाले बाजारों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं: क्या गावदेवी मार्केट में फायर सेफ्टी के पुख्ता इंतजाम थे? संकरी गलियों में रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए जवानों के पास पर्याप्त आधुनिक उपकरण थे या नही! स्थानीय नागरिकों और विभिन्न संगठनों ने मांग की है कि इस पूरी घटना की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और शहीद हुए जवानों के परिवारों को तुरंत उचित मुआवजा व सरकारी नौकरी दी जानी चाहिए। ठाणे शहर ने आज अपने दो सच्चे रक्षकों को खो दिया है, जिन्होंने दूसरों के घरों को रोशन रखने के लिए अपनी जिंदगी का दीया बुझा लिया। पूरा शहर आज इन वीर सपूतों को सलाम कर रहा है।

