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    Home » जमशेदपुर: बिना रजिस्ट्रेशन क्लीनिक, स्वास्थ्य विभाग पर सवाल
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    जमशेदपुर: बिना रजिस्ट्रेशन क्लीनिक, स्वास्थ्य विभाग पर सवाल

    Nikunj GuptaBy Nikunj GuptaMay 21, 2026No Comments2 Mins Read
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    बिना रजिस्ट्रेशन क्लीनिक, जमशेदपुर स्वास्थ्य विभाग
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    लेखक: राष्ट्र संवाद मुख्य संवाददाता

    जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले के बिरसानगर थाना क्षेत्र में एक महिला डॉक्टर द्वारा कथित रूप से बिना वैध दस्तावेजों के क्लीनिक संचालन किए जाने का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि वर्ष 2022 से संबंधित क्लीनिक बिना आवश्यक पंजीकरण और प्रमाणपत्रों के संचालित हो रहा है, जहां हजारों मरीजों का इलाज भी किया गया।

    मामले में दावा किया जा रहा है कि संबंधित क्लीनिक के पास Clinical Establishment Registration Certificate नहीं है। साथ ही Biomedical Waste Pollution Certificate के अभाव में भी स्वास्थ्य सेवाएं संचालित किए जाने का आरोप लगाया गया है। ऐसे में मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य मानकों के पालन को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं।

    इस मामले में महिला डॉक्टर के पति की भूमिका भी चर्चा में है। बताया जा रहा है कि वे एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय कंपनी में कार्यरत हैं। ऐसे में प्रभाव और हितों के टकराव की आशंका भी जताई जा रही है।

    सबसे बड़ा सवाल स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की चुप्पी को लेकर उठ रहा है। आरोपों के बावजूद सिविल सर्जन कार्यालय, पूर्वी सिंहभूम की ओर से अब तक कोई स्पष्ट कार्रवाई सामने नहीं आई है। इससे आम लोगों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या नियम-कानून केवल छोटे क्लीनिकों पर ही लागू होते हैं।

    जनता के बीच कई सवाल चर्चा का विषय बने हुए हैं—क्या बिना रजिस्ट्रेशन क्लीनिक चलाना वैध है? क्या मरीजों की सुरक्षा से समझौता किया गया? क्या प्रभावशाली लोगों के कारण कार्रवाई रुकी हुई है? और क्या स्वास्थ्य मंत्री इस पूरे मामले पर जवाब देंगे?

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