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    Home » आईजीएनसीए में सिंधु-सरस्वती सभ्यता पर अंतरराष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन
    झारखंड

    आईजीएनसीए में सिंधु-सरस्वती सभ्यता पर अंतरराष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन

    nizamBy nizamOctober 1, 2026No Comments2 Mins Read
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    आईजीएनसीए में सिंधु-सरस्वती सभ्यता पर अंतरराष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन

     

    राष्ट्र संवाद संवाददाता

    नई दिल्ली, 1 अक्टूबर। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) में ‘सिंधु-सरस्वती सभ्यता : साक्ष्य, अंतःक्रियाएं और सभ्यतागत निरंतरता’ विषय पर अंतरराष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन आयोजित किया गया। आयोजन आईजीएनसीए के भारत विद्या प्रयोजना प्रभाग, सिंधु सरस्वती प्रकोष्ठ एवं राष्ट्रीय सांस्कृतिक मानचित्रण मिशन ने शहीद भगत सिंह महाविद्यालय (सांध्य), दिल्ली विश्वविद्यालय के सहयोग से किया।

     

    सम्मेलन में पुरातत्त्व, इतिहास, अभिलेख-विज्ञान, भाषाविज्ञान और भू-विज्ञान से जुड़े विशेषज्ञों ने सिंधु-सरस्वती सभ्यता के पुरातात्त्विक साक्ष्यों, सिंधु लिपि, भौगोलिक विस्तार और सांस्कृतिक निरंतरता पर विचार-विमर्श किया। आईजीएनसीए के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी ने सभ्यता को आधुनिक राजनीतिक सीमाओं से अलग व्यापक ऐतिहासिक संदर्भ में समझने की आवश्यकता पर जोर दिया।

     

    प्रो. वसंत शिंदे, प्रो. आलोक त्रिपाठी, प्रो. नागराज पातुरी, डॉ. संजय कुमार मंजुल, डॉ. करुणा शंकर शुक्ल, डॉ. पुनीत गुप्ता और डॉ. मयंक शेखर सहित कई विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के महानिदेशक प्रो. यदुबीर सिंह रावत भी सम्मेलन में उपस्थित रहे।

     

    वक्ताओं ने हड़प्पा सभ्यता के नामकरण और औपनिवेशिक व्याख्याओं के पुनर्मूल्यांकन, पुरातात्त्विक स्थलों से प्राप्त प्रमाणों के नए अध्ययन, प्राचीन शिल्प परंपराओं तथा हड़प्पा लिपि के अध्ययन में आधुनिक कंप्यूटेशनल एवं सांख्यिकीय तकनीकों के उपयोग पर चर्चा की। सम्मेलन में प्रमाणों की पुनःजांच और बहुविषयी शोध को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए गए।

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