बांसकार समाज के सम्मान, स्वाभिमान और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए सरकार प्रतिबद्ध: केशव प्रसाद मौर्य
राष्ट्र संवाद संवाददाता
लखनऊ। विश्वेश्वरैया सभागार में बुधवार को आयोजित बांसकार समाज (धरकार, बांसफोड़, बसोर) के महासम्मेलन को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि केंद्र और प्रदेश की डबल इंजन सरकार बांसकार समाज सहित सभी वंचित वर्गों के सम्मान, स्वाभिमान और सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का मूल मंत्र ‘सबका साथ, सबका विकास’ है और बिना भेदभाव सभी वर्गों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वंचित और उपेक्षित वर्गों को सम्मान एवं अवसर मिल रहे हैं। प्रयागराज कुंभ-2019 का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने पांच सफाई कर्मचारियों के पैर धोकर श्रम और श्रमिकों के सम्मान का संदेश दिया था। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार पारंपरिक हुनर को आधुनिक तकनीक, बाजार और रोजगार के अवसरों से जोड़ने के प्रयास कर रही है। बांस शिल्प से जुड़े परिवारों की आय बढ़ाने के लिए उनके कौशल को आर्थिक सशक्तीकरण का माध्यम बनाया जा सकता है। उन्होंने समाज से अपनी पारंपरिक कला और हुनर को नई पीढ़ी तक पहुंचाने तथा बदलती बाजार जरूरतों के अनुरूप विकसित करने का आह्वान किया।
उन्होंने अपने संघर्षपूर्ण जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि अभाव और कठिनाइयों का अनुभव गरीब एवं जरूरतमंद वर्गों की समस्याओं को समझने में मदद करता है। उन्होंने समाज की एकजुटता और सकारात्मक सहभागिता को विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
महासम्मेलन में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, विधान परिषद सदस्य डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल, असम राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ बांसफोड़, पूर्व विधायक घनश्याम पिरोनिया सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

