एसआईआर की प्रक्रिया और वैधता पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, पारदर्शिता की मांग
राष्ट्र संवाद संवाददाता
लखनऊ। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया, नई शर्तों और उनके कानूनी आधार पर सवाल उठाते हुए पारदर्शिता की मांग की है। पार्टी ने कहा कि आयोग को एसआईआर कराने का अधिकार होने के बावजूद यह स्पष्ट होना चाहिए कि नई प्रक्रियाएं और अनिवार्य शर्तें किस वैधानिक प्रावधान के तहत लागू की जा रही हैं।
कांग्रेस ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 21(3), संविधान के अनुच्छेद 324 और 327 तथा एसआईआर गणना फॉर्म को लेकर कानूनी सवाल उठाए। पार्टी ने मोहिंदर सिंह गिल बनाम मुख्य निर्वाचन आयुक्त (1978) और ए.सी. जोस बनाम सिवन पिल्लै (1984) फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि आयोग की शक्तियां संसद के कानून और उसके तहत बने नियमों के अनुरूप होनी चाहिए।
कांग्रेस ने पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त ओपी रावत और एसवाई कुरैशी की एसआईआर संबंधी टिप्पणियों का भी उल्लेख किया और कहा कि प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का चुनाव आयोग को स्पष्ट सार्वजनिक जवाब देना चाहिए। पार्टी ने मतदाता सूची को लोकतंत्र और मताधिकार का आधार बताते हुए पुनरीक्षण प्रक्रिया को पारदर्शी, वैधानिक और उचित प्रक्रिया के अनुरूप रखने की मांग की। प्रेसवार्ता में यूपी कांग्रेस मीडिया विभाग के चेयरमैन कुंवर सिंह निषाद और मीडिया कोऑर्डिनेटर पुनीत पाठक मौजूद रहे।

