लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
बिहार के बेगूसराय जिले में स्थित न्यू बरौनी स्टेशन पर मजिस्ट्रेट चेकिंग अभियान के दौरान रेलवे सुरक्षा बल और वाणिज्य विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। सोमवार को चलाए गए इस विशेष अभियान में बिना टिकट और अनियमित यात्रा कर रहे 90 से अधिक यात्रियों को पकड़ा गया है। इस कार्रवाई से स्टेशन परिसर में दिनभर हड़कंप की स्थिति बनी रही। रेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्री सुरक्षा और राजस्व 보호 के लिए इस तरह के अभियान आगे भी जारी रहेंगे।
न्यू बरौनी स्टेशन पर मजिस्ट्रेट चेकिंग का नेतृत्व और टीम
न्यू बरौनी। न्यू बरौनी रेलवे स्टेशन पर सोमवार को मजिस्ट्रेट चेकिंग अभियान चलाया गया। अभियान का नेतृत्व मजिस्ट्रेट श्रीमती लीला कुमारी ने किया। चेकिंग के दौरान RPF, GRP और TTE की संयुक्त छापामार टीम स्टेशन पर तैनात रही।
बिना टिकट यात्रियों पर सख्ती और जुर्माना
अभियान के दौरान रेलवे नियमों का उल्लंघन करने वाले 90 से अधिक यात्रियों को पकड़ा गया। पकड़े गए यात्रियों से नियमानुसार जुर्माना वसूला गया। वहीं, दो व्यक्तियों ने जुर्माना भरने से इनकार करते हुए मौके पर हंगामा किया, जिसके बाद रेलवे अधिकारियों ने दोनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की।
हंगामा करने वालों को भेजा गया जेल
कार्रवाई के बाद दोनों व्यक्तियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत बेगूसराय जेल भेज दिया गया। मजिस्ट्रेट चेकिंग अभियान के बाद स्टेशन परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
रेलवे अधिकारियों का बयान और भविष्य की रणनीति
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के अभियान का उद्देश्य यात्रियों को रेलवे नियमों का पालन कराने और बिना उचित टिकट यात्रा करने वालों पर कार्रवाई करना है। आने वाले दिनों में भी इस प्रकार की चेकिंग जारी रहने की संभावना है।
मजिस्ट्रेट चेकिंग की कानूनी प्रक्रिया और प्रावधान
भारतीय रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 137 और 138 के तहत बिना टिकट या अनुचित टिकट पर यात्रा करना दंडनीय अपराध है। मजिस्ट्रेट चेकिंग के दौरान रेलवे मजिस्ट्रेट को मौके पर ही जुर्माना वसूलने या आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने का अधिकार होता है। श्रीमती लीला कुमारी की अगुवाई में हुई इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया कि रेल प्रशासन राजस्व चोरी को लेकर zero tolerance की नीति अपना रहा है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा से पूर्व उचित टिकट अवश्य लें या फिर ऑनलाइन माध्यमों जैसे IRCTC से टिकट बुक करें।
संयुक्त टीम की भूमिका और समन्वय
इस अभियान की सफलता में RPF (रेलवे सुरक्षा बल), GRP (राजकीय रेल पुलिस) और TTE (टिकट निरीक्षक) के बीच बेहतरीन समन्वय देखने को मिला। RPF ने जहां सुरक्षा घेरा बनाए रखा, वहीं GRP ने कानून व्यवस्था संभाली और TTE ने टिकट जांच की तकनीकी प्रक्रिया पूरी की। इस त्रिस्तरीय जांच व्यवस्था से बच निकलना किसी भी बेटिकट यात्री के लिए लगभग असंभव होता है।
यात्रियों पर पड़ने वाला प्रभाव और जागरूकता
ऐसी अचानक होने वाली मजिस्ट्रेट चेकिंग का सीधा असर यात्रियों की मानसिकता पर पड़ता है। नियमित यात्री अब टिकट लेकर चलने लगे हैं, वहीं छात्रों और दैनिक यात्रियों के लिए मासिक सीजन टिकट (MST) लेना अनिवार्य सा हो गया है। रेलवे के राजस्व में भी इस तरह के अभियानों से उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जाती है। बेगूसराय और आसपास के स्टेशनों पर इस कार्रवाई की चर्चा जोरों पर है।
पूर्व में हुई कार्रवाइयों का तुलनात्मक अध्ययन
गत वर्ष इसी स्टेशन पर चले अभियान में लगभग 60 यात्री पकड़े गए थे। इस वर्ष आंकड़ा 90 के पार जाने से साफ है कि बेटिकट यात्रा की प्रवृत्ति बढ़ी है या फिर जांच तंत्र अधिक प्रभावी हुआ है। रेल मंडल प्रबंधक (DRM) स्तर से भी ऐसे अभियानों की नियमित समीक्षा की जाती है। सोनपुर मंडल के अंतर्गत आने वाले इस स्टेशन पर राजस्व सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
- पकड़े गए यात्री: 90 से अधिक
- जेल भेजे गए: 02 व्यक्ति
- नेतृत्वकर्ता: मजिस्ट्रेट श्रीमती लीला कुमारी
- संयुक्त टीम: RPF, GRP, TTE
- स्थान: न्यू बरौनी रेलवे स्टेशन, बेगूसराय
रेल प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे रेल संपत्ति की रक्षा करें और नियमों का पालन कर राष्ट्र निर्माण में सहयोग दें। बेटिकट यात्रा न केवल अपराध है बल्कि यह ईमानदार टिकट खरीदने वाले यात्रियों के साथ अन्याय भी है।

