पिता अस्पताल में बांटते रहे दवा, बेटी वहीं बनी डॉक्टर
राष्ट्र संवाद संवाददाता, जादूगोड़ा
यूसीआईएल अस्पताल में शनिवार को एक भावुक अवसर देखने को मिला, जब इसी अस्पताल में 31 वर्षों से फार्मासिस्ट के रूप में सेवा दे रहे धीरज भोल की बेटी डॉ. शालिनी भोल को उनकी सफलता पर सम्मानित किया गया। शालिनी ने NEET PG-2026 में पहले प्रयास में ऑल इंडिया 8407 रैंक हासिल की है।
अस्पताल सभागार में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवाशीष भट्टाचार्य और वरिष्ठ चिकित्सकों ने डॉ. शालिनी को पुष्पगुच्छ व उपहार देकर सम्मानित किया। इस दौरान पिता धीरज भोल भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि अस्पताल में वर्षों तक मरीजों को दवा देने के बाद उसी परिसर में बेटी को डॉक्टर के रूप में सम्मानित होते देखना उनके लिए गर्व का क्षण है।
सम्मान समारोह में डॉ. शालिनी ने कहा कि माता-पिता के संघर्ष ने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। अब वह चाइल्ड स्पेशलिस्ट बनकर बच्चों की सेवा करना चाहती हैं।
मौके पर डॉ. रंजना शर्मा, डॉ. भरत चौहान, डॉ. कुजूर, डॉ. राम किशोर, लैब कर्मी ओम प्रकाश सेन गुप्ता, नर्सिंग स्टाफ समेत यूसीआईएल के अधिकारी मौजूद रहे।

