मजदूरों के पंचायत स्तर पर निबंधन को लेकर दुखनी सोरेन की पह
राष्ट्र संवाद संवाददाता
पोटका। पूर्वी सिंहभूम जिले के डुमरिया, पोटका, चाकुलिया, बहरागोड़ा, घाटशिला, मुसाबनी और धालभूमगढ़ क्षेत्र से बड़ी संख्या में मजदूर रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों में पलायन करते हैं। इसी मुद्दे को लेकर आज दुखनी सोरेन ने जिला श्रम अधीक्षक, पूर्वी सिंहभूम से मुलाकात कर मजदूरों के पंचायत स्तर पर अनिवार्य निबंधन की व्यवस्था लागू करने की मांग रखी।
दुखनी सोरेन ने कहा कि मजदूरों का निबंधन नहीं होने के कारण दुर्घटना या किसी अप्रिय घटना की स्थिति में उनके परिवारों को मुआवजा और सरकारी सहायता मिलने में काफी परेशानी होती है। वहीं, स्थानीय स्तर पर कितने मजदूर रोजगार के लिए बाहर जा रहे हैं, इसकी सही जानकारी भी प्रशासन के पास उपलब्ध नहीं रहती।
प्रस्तावित निबंधन में मजदूर का नाम, गांव, पंचायत, प्रखंड, मोबाइल नंबर, परिवार के सदस्यों की जानकारी, किस राज्य और किस स्थान पर रोजगार के लिए जा रहे हैं तथा संबंधित नियोक्ता या ठेकेदार की जानकारी दर्ज की जाएगी।
दुखनी सोरेन ने कहा, “मजदूर हमारे समाज की सबसे मेहनतकश शक्ति हैं। रोजगार के लिए बाहर जाना उनकी मजबूरी हो सकती है, लेकिन उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी व्यवस्था की होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में भी गंभीरता से काम करना चाहिए, ताकि मजदूरों को मजबूरी में दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े।
मजदूरों का निबंधन सिर्फ एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि उनके अधिकार, सुरक्षा और सम्मान की गारंटी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम

