Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » “दिशोम गुरू शिबू सोरेन: झारखंड की आत्मा का नाम”
    Breaking News Headlines खबरें राज्य से चाईबासा जमशेदपुर जामताड़ा झारखंड दुमका धनबाद पटना बिहार बेगूसराय मुंगेर मुजफ्फरपुर मेहमान का पन्ना रांची राजनीति राष्ट्रीय संथाल परगना संथाल परगना संपादकीय समस्तीपुर सरायकेला-खरसावां हजारीबाग

    “दिशोम गुरू शिबू सोरेन: झारखंड की आत्मा का नाम”

    News DeskBy News DeskAugust 5, 2025Updated:August 5, 2025No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    देवानंद सिंह
    झारखंड की धरती आज शोकाकुल है। दिशोम गुरू शिबू सोरेन का जाना केवल एक नेता का निधन नहीं, बल्कि एक युग का अंत है। वे सिर्फ एक राजनीतिक व्यक्तित्व नहीं थे, बल्कि झारखंड की आत्मा, आदिवासी अस्मिता के प्रहरी और जनसंघर्षों के सबसे बड़े योद्धा थे।

    नेमरा गांव के साधारण परिवार में जन्मे शिबू सोरेन ने अपनी जिंदगी का हर पल अपने लोगों के हक, जमीन, जंगल और जल की लड़ाई में समर्पित कर दिया। जब आदिवासियों की आवाज कोई सुनने को तैयार नहीं था, तब शिबू सोरेन ने झारखंड मुक्ति मोर्चा का गठन कर आंदोलन की मशाल जलाई। उनके अथक संघर्ष ने 2000 में झारखंड को अलग राज्य का दर्जा दिलाया – यह उनके राजनीतिक जीवन का सबसे बड़ा योगदान रहा।

    शिबू सोरेन ने सत्ता को कभी लक्ष्य नहीं बनाया।

    गुरुजी 3 बार सीएम बने, दो बार केंद्रीय मंत्री, 8 बार लोकसभा सांसद रहे, 3 बार राज्यसभा और एक बार बिहार विधानसभा के सदस्य। लेकिन उनका असली मुकाम हमेशा जनता के बीच रहा। वे गांव-गांव घूमते, संघर्ष की बात करते और आदिवासियों को उनका हक दिलाने के लिए निडर होकर खड़े रहते।

    उनका राजनीतिक जीवन विवादों से अछूता नहीं रहा, लेकिन उनकी निष्ठा और समर्पण पर कभी सवाल नहीं उठे। वे अपने सिद्धांतों पर अडिग रहे और जनता की उम्मीदों पर खरे उतरे।

    आज जब दिशोम गुरू हमारे बीच नहीं हैं, तो यह जिम्मेदारी हम सबकी है कि उनके सपनों का झारखंड बनाएं – जहां आदिवासी, दलित, किसान, मजदूर सभी को बराबरी का हक मिले, जहां जल, जंगल और जमीन की रक्षा हो, और जहां जनसरोकारों की राजनीति ही सर्वोच्च हो।

    शिबू सोरेन अब भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका संघर्ष, उनकी विचारधारा और उनका सपना हमेशा जिंदा रहेगा। वे झारखंड के इतिहास में हमेशा दिशोम गुरू – मार्गदर्शक और जननायक के रूप में याद किए जाएंगे।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleयह तस्वीर इंसानियत और राजनीति को नए सिरे से परिभाषित करती है!
    Next Article दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन पर झामुमो युवा नेता कुंदन कुमार महतो की श्रद्धांजलि,कहा “एक युग का अंत”

    Related Posts

    सीतारामडेरा में महिला के गले से सोने की चेन झपटकर फरार हुए बदमाश

    July 12, 2026

    तुलसी जयंती समारोह: जमशेदपुर में संपन्न हुई श्री हनुमान चालीसा कंठस्थ पाठ प्रतियोगिता

    July 12, 2026

    जमशेदपुर के गायत्री ज्ञान मंदिर में दिवंगत परिजनों को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि, परिजनों का हुआ सम्मान

    July 12, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    सीतारामडेरा में महिला के गले से सोने की चेन झपटकर फरार हुए बदमाश

    तुलसी जयंती समारोह: जमशेदपुर में संपन्न हुई श्री हनुमान चालीसा कंठस्थ पाठ प्रतियोगिता

    जमशेदपुर के गायत्री ज्ञान मंदिर में दिवंगत परिजनों को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि, परिजनों का हुआ सम्मान

    महोत्सव सामाजिक समरसता, संस्कृति एवं समाज की एकता का सशक्त प्रतीक : पूर्णिमा साहू

    पूर्वी सिंहभूम जिला जिमनास्टिक एसोसिएशन की नई कमिटी का हुआ गठन, रंजन कुमार झा बने अध्यक्ष

    जमील हैदर एकेडमिक एक्सीलेंस अवॉर्ड से 34 मेधावी छात्र-छात्राएं सम्मानित: जमशेदपुर में भव्य समारोह

    मानगो-डिमना रोड बाजार में चोरों का तांडव, एक ही रात में 10 से 12 दुकानों के ताले तोड़े

    जमशेदपुर: कराटे ब्लैक बेल्ट ग्रेडेशन एवं जज-रेफरी सेमिनार का आयोजन, आत्मरक्षा को बताया समय की सबसे बड़ी जरूरत

    परमहंस लक्ष्मीनाथ गोस्वामी समिति की आमसभा संपन्न, सर्वसम्मति से पुरानी कार्यकारिणी को मिला तीन वर्षों का नया कार्यकाल

    बहरागोड़ा में डेढ़ करोड़ का 1.095 किलो पन्ना बरामद, तीन अंतरजिला तस्कर गिरफ्तार

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.