
लेखक: अंचल कार्यालय रिपोर्ट
छौड़ाही में छठ घाटों पर खतरे का साया, 46 घाट असुरक्षित पाए गए हैं जो प्रशासन और श्रद्धालुओं के लिए बड़ी चिंता का विषय है। छठ महापर्व पर भगवान भास्कर को अर्घ्य देने के लिए घाटों पर उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच छौड़ाही में सुरक्षा को लेकर चिंताजनक तस्वीर सामने आई है।
छौड़ाही में 46 घाट असुरक्षित घोषित
प्रखंड की दस पंचायतों में चिह्नित 53 छठ घाटों में 46 घाट खतरनाक घोषित किए गए हैं। केवल सात घाटों की स्थिति सामान्य पाई गई है। अंचल कार्यालय की ओर से कराए गए घाटों के सर्वेक्षण में यह बड़ा खुलासा हुआ है।
सर्वे रिपोर्ट के अनुसार सिंहमा पंचायत के सभी नौ घाट खतरनाक हैं। मालपुर में आठ में पांच, सहुरी में सात में छह, अमारी में छह में पांच और सावंत के सभी पांच घाट असुरक्षित श्रेणी में रखे गए हैं।
ऐजनी के पांचों, एकंबा के तीनों और शाहपुर के तीनों घाट भी खतरनाक हैं। वहीं परोड़ा के तीन में दो तथा नारायणपीपड़ के चार में तीन घाटों को खतरनाक बताया गया है।
सामान्य घाटों की स्थिति
सामान्य घाटों की बात करें तो मालपुर में तीन, जबकि सहुरी, परोड़ा, अमारी और नारायणपीपर में एक-एक घाट की स्थिति सामान्य पाई गई है। घाटों की यह स्थिति छठ के दौरान प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है।
पोखर और तालाबों में पानी की गहराई, फिसलन और श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा इंतजाम बेहद जरूरी हैं। खासकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्ग व्रतियों की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी।
प्रशासन को भेजी गई सर्वे रिपोर्ट
अंचल अधिकारी ने दो नवंबर को पत्रांक 1470 के माध्यम से घाटों की पंचायतवार सूची अनुमंडल पदाधिकारी, मंझौल और आपदा प्रबंधन विभाग, बेगूसराय को भेजी है। रिपोर्ट में प्रतिबंधित घाटों की संख्या शून्य बताई गई है।
अब प्रशासन के स्तर पर खतरनाक घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की जरूरत है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके और पर्व शांतिपूर्ण संपन्न हो सके।
