
लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
छठ से पहले शिक्षकों-कर्मियों के बकाया वेतन भुगतान का शिक्षा मंत्री ने दिया निर्देश। बिहार के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों को इस बार छठ महापर्व से पहले बकाया वेतन मिलने की पूरी उम्मीद है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी लंबित भुगतानों को हर हाल में समय पर पूरा किया जाए।
शिक्षा मंत्री का कड़ा निर्देश और बकाया वेतन
बिहार के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों को छठ महापर्व से पहले बकाया वेतन मिलने की उम्मीद है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने विभागीय अधिकारियों को लिपिक, परिचारी, शिक्षा सेवक, तालीमी मरकज, शारीरिक शिक्षक, संस्कृत एवं मदरसा शिक्षकों का लंबित वेतन हर हाल में छठ से पहले भुगतान करने का निर्देश दिया है। उन्होंने भुगतान में अनावश्यक देरी पर कड़ी नाराजगी जताई है और संबंधित अधिकारियों को चेतावनी भी दी है।
बुधवार को आयोजित एक उच्च स्तरीय विभागीय समीक्षा बैठक में शिक्षकों के प्रमाण पत्रों के सत्यापन की प्रक्रिया की भी गहन समीक्षा की गई। राज्य में वर्तमान में करीब 3.20 लाख शिक्षकों के प्रमाण पत्र जांच के दायरे में हैं, जिनमें से लगभग 2.40 लाख शिक्षकों का सत्यापन कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है।
फर्जी शिक्षकों पर शिकंजा और प्रमाण पत्रों की जांच
जांच प्रक्रिया के दौरान यह बात सामने आई है कि अब तक लगभग 1,700 शिक्षक फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर अपनी नियुक्तियां प्राप्त करने में सफल रहे थे। शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि शेष बचे सभी प्रमाण पत्रों का सत्यापन कार्य बहुत जल्द पूरा किया जाए और जितने भी शिक्षक फर्जी पाए गए हैं, उनके विरुद्ध बिना किसी ढिलाई के नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।
सरकार की इस सख्ती से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि फर्जीवाड़े में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। इसके साथ ही नियमित शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतनों के भुगतान को लेकर ट्रेजरी स्तर पर भी कार्य तेजी से चल रहा है ताकि पर्व के अवसर पर किसी को भी आर्थिक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
राज्य के विभिन्न जिलों से लगातार मिल रही शिकायतों के बाद शिक्षा मंत्री ने खुद इस मामले में संज्ञान लिया है। उनका यह निर्देश हजारों शिक्षकों के लिए राहत की बड़ी खबर लेकर आया है जो लंबे समय से अपने बकाये वेतन के मिलने का इंतजार कर रहे थे। विभाग के अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि भविष्य में वेतन भुगतान में इस तरह की अनावश्यक देरी न हो।
