Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » बिहार में अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में 2.57 लाख करोड़ रुपये के निवेश की संभावना : ऊर्जा मंत्री कुमार
    Breaking News Business Headlines खबरें राज्य से पटना बिहार बेगूसराय मुंगेर मुजफ्फरपुर समस्तीपुर

    बिहार में अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में 2.57 लाख करोड़ रुपये के निवेश की संभावना : ऊर्जा मंत्री कुमार

    Devanand SinghBy Devanand SinghNovember 4, 2026No Comments3 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    लेखक: राष्ट्र संवाद

    बिहार में अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में 2.57 लाख करोड़ रुपये के निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। राज्य सरकार निवेशकों को हरसंभव सहयोग देने के लिए तैयार है। बिहार के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने बुधवार को यह बात कही। ऊर्जा विभाग के बयान के अनुसार नयी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन एवं प्रदर्शनी-2026 के बिहार राज्य सत्र को संबोधित करते हुए मंत्री ने निवेशकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को बिहार में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि बिहार में तेज आर्थिक विकास और बेहतर रिटर्न की संभावनाएं हैं। सरकार निवेशकों को सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराएगी।

    बिहार में अक्षय ऊर्जा निवेश की व्यापक संभावनाएं

    मंत्री ने कहा कि वर्ष 2005 में बिहार में बिजली की मांग करीब 700 मेगावाट थी, जो अब बढ़कर लगभग 10 हजार मेगावाट हो गई है। ‘हर घर बिजली’ योजना के तहत राज्य के प्रत्येक घर तक बिजली पहुंचाई गई है। राज्य सरकार पीएम-कुसुम और पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा दे रही है। ऊर्जा विभाग के सचिव एवं बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (बीएसपीएचसीएल) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक अजय यादव ने कहा कि अगले एक दशक में राज्य की बिजली मांग बढ़कर करीब 25 हजार मेगावाट होने का अनुमान है। उन्होंने 301 मेगावाट क्षमता की कजरा सौर ऊर्जा परियोजना और 523 मेगावाट आवर की बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली का उल्लेख किया।

    अक्षय ऊर्जा नीति-2025 और नए लक्ष्य

    यादव ने बताया कि राज्य में करीब 78,400 करोड़ रुपये की परियोजनाएं क्रियान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं, जबकि बिजली उत्पादन, संचरण, वितरण और आधारभूत संरचना समेत विभिन्न क्षेत्रों के लिए कुल 2,57,316 करोड़ रुपये के निवेश की कार्ययोजना तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि बिहार अक्षय ऊर्जा नीति-2025 के तहत 2030 तक 24 गीगावाट अक्षय ऊर्जा क्षमता और छह गीगावाट घंटा ऊर्जा भंडारण क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है।

    महत्वपूर्ण समझौते और भविष्य की योजनाएं

    सम्मेलन के दौरान अक्षय ऊर्जा, तकनीकी अनुसंधान और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए तीन समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। ये समझौते बीएसपीजीसीएल और मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट), भोपाल के बीच समझौता शामिल है। अन्य दो समझौते पावर सेक्टर स्किल काउंसिल तथा बिहार पावर ट्रेनिंग मैनेजमेंट सोसाइटी और बीएसपीजीसीएल तथा द एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट (टेरी) के बीच हुए। परिचर्चा में यादव ने कहा कि अगले दो से पांच वर्षों में वितरित अक्षय ऊर्जा, बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली और अक्षय ऊर्जा उपकरणों के विनिर्माण में निवेश की बड़ी संभावनाएं हैं। राज्य का लक्ष्य विभिन्न योजनाओं के तहत करीब पांच हजार मेगावाट वितरित अक्षय ऊर्जा क्षमता विकसित करना है। परिचर्चा में अदाणी ग्रीन एनर्जी, टाटा पावर, एशियाई विकास बैंक और जर्मन बायोगैस एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया।

    बिहार सरकार राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार काम कर रही है। ऊर्जा सेक्टर में इतने बड़े पैमाने पर होने वाले निवेश से न केवल राज्य में बिजली की जरूरतें पूरी होंगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। निवेशकों के लिए बिहार एक उभरता हुआ और सुरक्षित बाजार बनता जा रहा है। सरकार की नीतियां निवेशकों के अनुकूल हैं और प्रशासनिक स्तर पर भी पूरा सहयोग प्रदान किया जा रहा है। आने वाले वर्षों में बिहार देश का एक प्रमुख ऊर्जा-समृद्ध राज्य बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। इस दिशा में नीतिगत बदलाव और जमीनी स्तर पर हो रहे कार्य सराहनीय हैं। राज्य की जनता को भी इसका सीधा लाभ मिलने की पूरी उम्मीद है।

    अक्षय ऊर्जा ऊर्जा मंत्री बिहार निवेश बिहार समाचार सौर ऊर्जा
    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleबिहार में 12 नवंबर से होगा मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण
    Next Article भरत तिवारी एनकाउंटर से शुरू हुआ विवाद, कुंदन कृष्णन की संपत्ति पर सुधाकर सिंह ने उठाए सवाल

    Related Posts

    हाजीपुर जंक्शन पर 55 लाख की हेरोइन के साथ तस्कर गिरफ्तार

    November 4, 2026

    छठ से पहले शिक्षकों-कर्मियों के बकाया वेतन भुगतान का शिक्षा मंत्री ने दिया निर्देश

    November 4, 2026

    MLC चुनाव में हार से NDA में घमासान, JDU को BJP में भीतरघात का शक

    November 4, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    हाजीपुर जंक्शन पर 55 लाख की हेरोइन के साथ तस्कर गिरफ्तार

    छठ से पहले शिक्षकों-कर्मियों के बकाया वेतन भुगतान का शिक्षा मंत्री ने दिया निर्देश

    MLC चुनाव में हार से NDA में घमासान, JDU को BJP में भीतरघात का शक

    राजपूतों के राजनीतिक भरोसे पर रूढ़ी ने उठाए सवाल, भाजपा में भी हलचल

    भरत तिवारी एनकाउंटर से शुरू हुआ विवाद, कुंदन कृष्णन की संपत्ति पर सुधाकर सिंह ने उठाए सवाल

    बिहार में अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में 2.57 लाख करोड़ रुपये के निवेश की संभावना : ऊर्जा मंत्री कुमार

    बिहार में 12 नवंबर से होगा मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण

    छौड़ाही में छठ घाटों पर खतरे का साया, 46 घाट असुरक्षित।

    बखरी में शांति समिति की बैठक संपन्न होने के साथ, क्षेत्रों में पुलिस गश्त तेज

    बखरी में छठ घाटों की तैयारी तेज, नगर के पुस्तकालय तालाब बना आकर्षण का केंद्र

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.