चांडिल अंचल कार्यालय के कर्मचारी सन्नी बर्मन रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार,निगरानी की टीम ने की कार्रवाई
राष्ट्र संवाद संवाददाता
संजय कुमार
चांडिल अंचल कार्यालय के कर्मचारी सन्नी बर्मन को शनिवार को निगरानी विभाग की टीम ने 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। जानकारी के अनुसार, सन्नी बर्मन भूमि नामांतरण (म्यूटेशन) के एवज में उक्त राशि की मांग कर रहा था।

रिश्वत की रकम लेते ही वह मौके से फरार हो गया, लेकिन निगरानी विभाग की टीम ने तत्परता दिखाते हुए चांडिल ब्लॉक जाने वाले मार्ग स्थित गोलचक्कर पर उसे पकड़ लिया।
जानिए क्या है पूरा मामला
वादी (पीड़ित )राजेश मांझी पिता सुकराम मांझी,निवासी ग्राम क़दमदीह चांडिल पंचायत ,की जमीन – मौजा दालग्राम ,खाता संख्या – 38,39,40,41, प्लॉट संख्या – 46ए,70ए,67ए,45ए,316ए,323ए,367ए,364ए,364ए,कुल रकवा, – 1 एकड़,13.5 डी. भूमि का ऑन लाइन अपलाई,परिशोधन 10- 01- 25 को किया था.जिसके एवज में चांडिल अंचल कार्यालय राजस्व कर्मचारी सन्नी बर्मन ने राजेश मांझी से 70 हजार रुपए मांगे थे. जिसकी शनिवार को रिश्वत की पहली किस्त 10 हजार रुपए लिए ओर निगरानी विभाग की टीम ने पकड़ लिया. किसी तरह कार्यालय से फरार हो गया तभी निगरानी विभाग की टीम ने ब्लॉक कार्यालय जाने वाले डायवर्सन से दबोच लिया और कागजी करवाई अंचल कार्यालय में हुई ओर गिरफ्तार कर जमशेदपुर ले गई.सूत्रों की माने तो निगरानी विभाग की टीम ने चांडिल अंचल राजस्व कर्मचारी सन्नी बर्मन के आदित्यपुर स्थित आवास में जांच पड़ताल के क्रम में 9 लाख से अधिक की नकद राशि बरामद की सूचना मिल रही है लेकिन वरीय पदाधिकारी के पुष्टि नहीं की है.

विस्थापित अधिकार मंच फाउंडेशन संस्था के अध्यक्ष राकेश रंजन महतो को पूरा प्रकरण की जानकारी राजेश मांझी ने साझा की. राकेश महतो ने निगरानी विभाग से संपर्क कर कर्मचारी सन्नी कुमार द्वारा रिश्वत की मांगे जाने की बात बताई. ओर तय कार्यक्रम के अनुसार निगरानी विभाग की टीम अंचल कार्यालय पहुंच गई ओर भ्रष्ट कर्मचारी सन्नी बर्मन को दिनदहाड़े 10 हजार रुपए लेते दबोचा.

निगरानी विभाग की टीम में डी. एस.पी. इंद्रदेव राम, इंस्पेक्टर — कमल नारायण सिंह, इंस्पेक्टर — सुनीत कुमार सहित सुरक्षाबल शामिल थे. विस्थापित अधिकार मंच फाउंडेशन संस्था अध्यक्ष राकेश के बोल –
चांडिल अंचल कार्यालय में भूमाफियों का कब्जा है जब तक घुस या रिश्वत नहीं देते कोई काम होने वाला नहीं है, राजेश मांझी गरीब से म्यूटेशन के लिए रिश्वत मांगी गई,6 महीने से कार्यालय दौड़ रहे है, आय,आवासीय,जातीय आदि में 5 हजार रुपए की रिश्वत मुझे मांगी गई. चांडिल अंचल कार्यालय में रिश्वत नहीं लुट चल रही है.भ्रष्टाचार जमीन मामले में अंचल से लेकर अनुमंडल कार्यालय तक सिंडिकेट है जिसमें सभी मिले हुए है .

इस पूरी कार्रवाई के दौरान अंचल अधिकारी अमित श्रीवास्तव कार्यालय में ही मौजूद थे, लेकिन उन्होंने इस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है, वहीं आम जनता सरकारी कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर आक्रोशित नजर आ रही है।

