संताली शिक्षकों की नियुक्ति के लिए मुख्यमंत्री से करेंगे वार्ता : संजीव सरदार
राष्ट्र संवाद संवाददाता
पोटका, 13 जून: संताली भाषा, अलचिकी लिपि और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के उद्देश्य से आयोजित संताली समर कैंप-2026 का भव्य समापन शनिवार को पावड़ा स्थित माझी परगना माहाल भवन में हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता धाड़ दिशोम देश परगना बैजु मुर्मू ने की।
अखिल भारतीय संताली लेखक संघ (आईसवा) झारखंड शाखा एवं अखिल झारखंड संताल शिक्षक फेडरेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस अभियान के तहत पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और जामताड़ा जिले के 354 केंद्रों पर नि:शुल्क संताली शिक्षा दी गई। 22 मई से 10 जून तक चले इस समर कैंप में बच्चों और युवाओं को अलचिकी लिपि, संताली भाषा, साहित्य, अंकगणित एवं संस्कृति का प्रशिक्षण दिया गया।
समापन समारोह में मुख्य अतिथि पोटका विधायक संजीव सरदार ने विभिन्न केंद्रों के शिक्षकों और प्रखंड समन्वयकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि संताली भाषा, अलचिकी लिपि और संताल संस्कृति हमारी अमूल्य धरोहर है। संताली विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति की मांग को लेकर वे जल्द ही मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे तथा इस मुद्दे को सरकार और विधानसभा में प्रमुखता से उठाएंगे।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने मातृभाषा आधारित शिक्षा को मजबूत बनाने पर जोर दिया। वहीं डॉ. सत्यनारायण मुर्मू ने समर कैंप के लिए एक हजार अलचिकी अक्षर ज्ञान पुस्तिकाएं दान कीं तथा अगले वर्ष पांच हजार पुस्तिकाएं उपलब्ध कराने की घोषणा की। कार्यक्रम का संचालन आईसवा के अध्यक्ष डॉ. रजनीकांत मांडी ने किया।

