ग्वालियर. शहर के पड़ाव थाना क्षेत्र स्थित आयाम गर्ल्स हॉस्टल में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही 22 वर्षीय छात्रा की मौत के मामले में पुलिस ने उसके प्रेमी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का प्रकरण दर्ज किया है. पुलिस के अनुसार जांच के दौरान सामने आए तथ्यों, परिजनों के बयानों और मोबाइल की कॉल डिटेल के आधार पर आयुष शाक्य को मामले में आरोपित बनाया गया है. घटना के बाद से आयुष फरार बताया जा रहा है और पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है.
शादी को लेकर चल रहा था विवाद
मृतका विशाखा शाक्य मूल रूप से मुरैना जिले के सबलगढ़ क्षेत्र के बधरैंटा गांव की रहने वाली थी. वह ग्वालियर में रहकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही थी. पुलिस के अनुसार विशाखा और आयुष के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे और दोनों के परिवारों को भी इस रिश्ते की जानकारी थी.
जांच में यह बात सामने आई कि विशाखा इस रिश्ते को विवाह में बदलना चाहती थी, जबकि आयुष शादी के लिए तैयार नहीं था. इसी मुद्दे को लेकर दोनों के बीच लगातार बातचीत और विवाद होने की जानकारी पुलिस को मिली है. घटना से एक दिन पहले भी दोनों के बीच फोन पर शादी को लेकर विवाद होने की बात सामने आई है.
कॉल डिटेल से सामने आई बातचीत की कड़ी
पुलिस ने मामले की जांच के दौरान मोबाइल फोन से जुड़ी जानकारी और कॉल डिटेल रिकार्ड को भी जांच का हिस्सा बनाया. पुलिस का कहना है कि मृतका और आयुष के बीच घटना से पहले लगातार संपर्क था. इसी संपर्क और उससे जुड़े घटनाक्रम को परिजनों तथा अन्य लोगों के बयानों से मिलाकर देखा गया.
पुलिस के मुताबिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आयुष के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है. हालांकि मामले में आरोपित की गिरफ्तारी अभी नहीं हुई है. पुलिस का कहना है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद पूछताछ से घटनाक्रम के अन्य पहलुओं की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी.
परिजनों ने भी पुलिस को बताई रिश्ते की जानकारी
पुलिस जांच में हॉस्टल संचालक दंपति और विशाखा के परिजनों के बयान भी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं. परिजनों के अनुसार विशाखा अक्सर आयुष से फोन पर बात करती थी. शादी को लेकर दोनों के बीच मतभेद की जानकारी भी परिवार को थी.
परिजनों ने पुलिस को यह भी बताया कि विशाखा इस रिश्ते को लेकर भावनात्मक रूप से परेशान थी और उसने आयुष के सामने शादी का विषय कई बार उठाया था. पुलिस अब इन बयानों की पुष्टि उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों और अन्य जांच सामग्री से कर रही है.
हॉस्टल में कमरे से नहीं निकली तो हुआ संदेह
घटना वाले दिन विशाखा की रूममेट हॉस्टल में मौजूद नहीं थी. काफी समय तक कमरे से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर हॉस्टल संचालक को संदेह हुआ. इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई.
पुलिस मौके पर पहुंची और कमरे का दरवाजा खोला गया. अंदर विशाखा मृत अवस्था में मिली. सूचना के बाद पुलिस ने मौके की जांच की और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था.
जांच में डिजिटल साक्ष्य की भूमिका
इस मामले में पुलिस की जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मोबाइल और कॉल डिटेल से जुड़ा है. प्रेम संबंधों से जुड़े मामलों में घटना से पहले हुई बातचीत, संपर्क का समय और संबंधित परिस्थितियां जांच के महत्वपूर्ण बिंदु हो सकते हैं. पुलिस इन्हीं तथ्यों को प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के बयानों से जोड़कर घटनाक्रम की कड़ी तैयार कर रही है.
हालांकि किसी व्यक्ति की आपराधिक जिम्मेदारी अंततः जांच और न्यायिक प्रक्रिया में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही तय होगी. फिलहाल पुलिस ने आयुष के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की है.
फरार आरोपित की तलाश में पुलिस की दबिश
पड़ाव थाना पुलिस के अनुसार मामला दर्ज होने के बाद आरोपित आयुष शाक्य की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं. पुलिस उसके संभावित ठिकानों और संपर्कों की जानकारी जुटा रही है. जांच अधिकारी मामले से जुड़े अन्य लोगों से भी पूछताछ कर रहे हैं.
पुलिस का कहना है कि आरोपित के मिलने के बाद उससे पूछताछ की जाएगी और घटना से पहले दोनों के बीच हुई बातचीत तथा विवाद के कारणों की विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी. इससे यह भी स्पष्ट करने में मदद मिलेगी कि घटनाक्रम किस प्रकार आगे बढ़ा.
जांच पूरी होने के बाद तस्वीर होगी साफ
फिलहाल मामले में पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने का प्रकरण दर्ज किया है. जांच जारी है और आरोपित की गिरफ्तारी के बाद मामले में और तथ्य सामने आने की संभावना है. पुलिस डिजिटल साक्ष्यों, परिजनों के बयानों और हॉस्टल से जुड़े तथ्यों को एक साथ रखकर जांच आगे बढ़ा रही है.
इस घटना ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए घर से दूर रह रहे युवाओं की भावनात्मक परेशानियों और निजी रिश्तों से जुड़े तनाव के प्रति परिवार, मित्रों और संस्थानों की संवेदनशील भूमिका को भी सामने ला दिया है. किसी व्यक्ति में गंभीर भावनात्मक संकट के संकेत दिखाई दें तो उसे अकेला छोड़ने के बजाय तत्काल भरोसेमंद व्यक्ति या पेशेवर सहायता से जोड़ना जरूरी है.

