तिरुमला ब्रह्मोत्सव में भांगड़ा-कथक की छटा
*संभव के कलाकारों के 25 सदस्यीय दल ने लगातार तीसरे वर्ष मंदिर प्रांगण में दी प्रस्तुति*
राष्ट्र संवाद संवाददाता, गम्हरिया
तिरुमला श्रीवारी सालकट्ला ब्रह्मोत्सव-2026 में संभव इंस्टिट्यूट ऑफ फाइन एंड परफॉर्मिंग आर्ट्स, गम्हरिया के कलाकारों ने भांगड़ा और कथक की मनमोहक प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं की सराहना हासिल की। 15 से 23 सितंबर तक आयोजित ब्रह्मोत्सव में संस्थान के 25 सदस्यीय दल को लगातार तीसरे वर्ष प्रस्तुति देने का अवसर मिला।
भगवान श्री बालाजी के रथ निकलने और आरती की परिक्रमा के बाद आयोजित नृत्य महोत्सव में संभव दल ने दोनों दिन प्रथम प्रस्तुति दी। पहले दिन प्रशिक्षक गुरदयाल सिंह के मार्गदर्शन में पारंपरिक भांगड़ा के साथ कैंची, चक्कर, चक्री और डंगा जैसे उपकरणों का उपयोग करते हुए प्रस्तुति दी गई। दूसरे दिन प्रशिक्षक तरित सरकार के निर्देशन में कलाकारों ने कृष्ण वंदना सहित भगवान श्रीकृष्ण के विभिन्न रूपों को कथक के माध्यम से प्रस्तुत किया। मोरपंख आधारित साज-सज्जा ने प्रस्तुति को आकर्षक बनाया।
निदेशिका रीता सरकार एवं तरित सरकार के निर्देशन में तैयार दल ने बालाजी के दरबार में नृत्य अर्पित करने को सौभाग्य बताया।

